भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. भारतीय सेना (Indian Army Action) मंगलवार की देर रात पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों तक पहुंची और एयर स्ट्राइक (India Air Strike on Pakistan) करके इन बड़े ठिकानों को धाराशाही कर दिया. हमले की वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि पाकिस्तान में रात के समय हमला होते ही चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुबह के समय भारतीय सेना ने ढेर किए गए आतंकी ठिकानों की जानकारी सांझा की है. साथ ही, एयर स्ट्राइक के दौरान इन ठिकानों की तस्वीरें ली गई, जो सामने आई हैं.
भारतीय सेना ने जिन 9 ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का हेड ऑफिस और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का हेड ऑफिस भी शामिल है. ये दोनों पाकिस्तान के पंजाब में स्थित हैं. लाहौर से थोड़ी दूरी पर स्थित मुरीदके, एक विशाल ‘मरकज़’ यानी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का अड्डा है और बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य गढ़ माना जाता है. इस हमले के बाद भारतीय सेना ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा- न्याय हुआ, जय हिंद.
इन लक्षित स्थानों पर सेना ने बरसाए बम
ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारतीय सेना ने आतंकियों के बड़े और महत्वपूर्ण अड्डों को निशाना बनाया. ये एयर स्ट्राइक नौ लक्षित स्थानों- मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, रावलकोट, चकस्वरी, भीमबर, नीलम घाटी, झेलम और चकवाल में किए गए. इन हमलों में 70 से अधिक आतंकवादियों के ढेर होने की सूचना मिली.
पाकिस्तान के कौन से बड़े आतंकी ठिकाने तबाह?
सरजल कैंप, सियालकोट : मार्च 2025 में भारतीय पुलिस पर हुए हमले के दोषी यहीं पर ट्रेन किए गए थे.
महमूना जाया कैंप, सियालकोट : हिजबुल मुजाहिदीन का हेड क्वार्टर. पठानकोट हमला यहीं से नियंत्रित हुआ था.
मरकज तैयबा, मुरीदके : लश्कर का पुराना गढ़ है ये. यहीं अजमल कसाब और हेडली ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था.
मरकज सुभानअल्लाह, बहावलपुर : जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और आतंकवादियों का भर्ती केंद्र यहीं था. इसी मुख्यालय में जैश के नेता जुटते थे.
सवाई नाला, मुजफ्फराबाद : लश्कर का वह ट्रेनिंग सेंटर, जहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमले के आतंकी प्रशिक्षित होते थे.
सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद : हथियार और विस्फोटकों की ट्रेनिंग, जंगल सर्वाइवल जहां प्रशिक्षण दिया जाता है.
गुरपुर, कोटली : 2023 में पुंछ में हुए श्रद्धालु हमले के आतंकी यहीं प्रशिक्षण लिए थे.
बरनाला कैंप, भिम्बर : हथियार हैंडलिंग करने का प्रशिक्षण केंद्र.
अब्बास कैंप, कोटली : एलओसी से तकरीबन 13 किमी दूर, जहां आत्मघाती दस्तों की ट्रेनिंग होती है.