हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का ऐलान- सभी योग्य महिलाओं को मिलेंगें प्रतिमाह 1,500 रुपए।

हिमाचल प्रदेश। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शाहपुर के चंबी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में कहा कि सुख सम्मान निधि योजना के तहत सभी योग्य महिलाओं को जल्द ही 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश का आगामी बजट ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, और इसमें महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि महिलाएं हमारी अर्थव्यवस्था की वास्तविक शक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने यह भी बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय हर साल बढ़ाया जा रहा है, जबकि पहले की सरकारों के समय में यह केवल चुनावों के दौरान किया जाता था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पुलिस भर्ती में महिला आरक्षण को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत महिलाएं प्रति वर्ष 18 हजार रुपये प्राप्त करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नशे में लिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पर निशाना साधते हुए कहा, “यह कैसे डॉक्टर हैं, जो इलाज तो करते हैं, लेकिन सही दिशा नहीं दिखा सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर नड्डा ने समय रहते जयराम सरकार की गलत नीतियों पर ध्यान दिया होता, तो हिमाचल की संपत्ति लूटने से बचाई जा सकती थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय टीम ने आपदा का आकलन करते हुए 10,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था, लेकिन डेढ़ साल से केंद्र से कोई राशि नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि एनपीएस के 9,000 करोड़ रुपये और ओपीएस को बहाल करने के लिए 1,600 करोड़ रुपये रोके गए हैं, और हर साल मिलने वाला 3,200 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा भी बंद कर दिया गया है।

महिलाओं को विधानसभा में आरक्षण देने के समर्थन में

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सबसे पहले राज्यसभा में महिलाओं को विधानसभा और संसद में आरक्षण देने का बिल पास कराया था। राज्य सरकार भी महिलाओं के लिए आरक्षण की समर्थक है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान में यह संशोधन राजीव गांधी की दूरदर्शिता का प्रतीक है।

पटवारी-कानूनगो स्टेट कैडर रहेगा

पटवारी-कानूनगो महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस फैसले को वापस लेने की अपील की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ आपका विभाग नहीं, राज्य के कई अन्य विभाग भी स्टेट कैडर में आते हैं। अगर सरकारें अधिसूचनाएं वापस लेने लगें तो कानून की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी। पटवारी-कानूनगो का स्टेट कैडर हर हाल में कायम रहेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पटवारी-कानूनगो की वरिष्ठता और पदोन्नति प्रक्रिया पर सरकार पूरा ध्यान रखेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में बदलाव कर रही है और नर्सरी से लेकर 12वीं तक एक ही शिक्षा निदेशालय होगा। इसके अलावा, सरकार जल्द ही हर विधानसभा क्षेत्र के छह-छह स्कूलों में सभी विषयों के अध्यापकों की नियुक्ति करेगी। साथ ही, तीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल अगले शैक्षिक सत्र से पहले तैयार हो जाएंगे।

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