पंजाब। एमएसपी समेत अन्य मांगों को लेकर केंद्र और किसानों के बीच आज 7वें दौर की बातचीत होगी। चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित महात्मा गांधी संस्थान में सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा पंजाब सरकार के मंत्री और अधिकारी भाग लेंगे।
वहीं, किसानों की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में 28 किसान नेता पहुंचेंगे।
आपको सूचित किया जाता है कि आठ फरवरी 2024 को कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन किसान संगठन फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के लिए कानून बनाने समेत कई अन्य मुद्दों पर अडिग रहे। 12 फरवरी 2024 को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की पांच घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें किसानों द्वारा सभी मामलों को वापस लेने और बिजली संशोधन विधेयक 2020 को रद्द करने पर सहमति बनी। 15 फरवरी 2024 को किसानों ने हरियाणा पुलिस द्वारा बल प्रयोग पर आपत्ति जताई। यह बैठक रात एक बजे तक चली। 18 फरवरी 2024 को केंद्र सरकार ने गेहूं और धान के अलावा मसूर, उड़द, मक्का और कपास जैसी फसलों पर भी एमएसपी देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन पांच घंटे की बैठक में भी कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई।
इसके बाद 14 फरवरी 2025 को हुई बैठक में 28 किसान नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद रहे। बैठक स्थगित कर दी गई तथा अगली बैठक की तारीख 22 फरवरी निर्धारित की गई। 22 फरवरी 2025 को किसानों ने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष एमएसपी को लेकर आंकड़े पेश किए, लेकिन ढाई घंटे की बैठक में भी कोई सहमति नहीं बन पाई।