अमित शाह के पंजाब दौरे का शेड्यूल बदला, पहले गुरदासपुर जाएंगे; झोटा के परिवार से मिलेंगे

अमित शाह के पंजाब दौरे का बदला शेड्यूल, पहले गुरदासपुर जाएंगे; शाम को झोटा के परिवार से मुलाकात, अंत में रावण दहन

20 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा: गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह और संगरूर में गुलजार सिंह के परिजनों से भी मिलेंगे, मानसा में झोटा हत्याकांड को लेकर विरोध के आसार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 अक्टूबर को प्रस्तावित पंजाब दौरे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। नए शेड्यूल के मुताबिक, वह सबसे पहले गुरदासपुर जाकर बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद संगरूर में गुलजार सिंह के परिजनों से मिलेंगे। फिर मानसा पहुंचकर एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। दौरे के अंत में अमित शाह लुधियाना के दरेसी दशहरा ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में रावण दहन करेंगे।

पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह को सबसे पहले मानसा, फिर संगरूर और अंत में गुरदासपुर जाना था। बदले हुए कार्यक्रम में गुरदासपुर को पहला पड़ाव बनाया गया है।

तीनों मामले नशे के विरोध से जुड़े

अमित शाह अपने दौरे के दौरान तीन परिवारों से मुलाकात करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या हुई थी, जबकि मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई थी। संगरूर के गुलजार सिंह ने आत्महत्या की थी। इन तीनों मामलों को नशे के खिलाफ आवाज उठाने से जोड़कर देखा जा रहा है।

झोटा के परिवार से मुलाकात को लेकर मानसा में पहले से ही विवाद चल रहा है। उनकी हत्या के मामले में गठित एक्शन कमेटी ने अमित शाह के दौरे का विरोध करने की घोषणा की है।

झोटा के परिवार से मुलाकात को लेकर एक्शन कमेटी नाराज

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने अमित शाह की मानसा यात्रा और परिवार से उनकी प्रस्तावित मुलाकात पर आपत्ति जताई है। कमेटी के सदस्यों ने कहा है कि वे गृह मंत्री के दौरे का विरोध करेंगे और उन्हें मंच पर नहीं आने दिया जाएगा।

कमेटी के नेता हरदीप सिंह ने केंद्र सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब सरकार तक सीमित नहीं है। इसे रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है। उन्होंने नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

एक्शन कमेटी ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर हत्या की जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने से संबंधित मांगें उठाने की बात भी कही है।

झोटा के पिता बोले- आंदोलन में आने वाले नेताओं का विरोध न हो

दूसरी ओर, परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें बिना पूरी जानकारी दिए फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 13 से 16 अक्टूबर तक आंदोलन से जुड़े फैसले उनसे बातचीत करके लिए जा रहे थे, लेकिन 17 और 18 अक्टूबर की बैठकों में हुई चर्चा और निर्णयों की जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी गई।

भीम सिंह ने कहा कि उनके बेटे को न्याय दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस मुद्दे पर मिलने आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की इच्छा जताते हुए हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग दोहराई।

13 अक्टूबर को हुई थी झोटा की हत्या

रिपोर्ट के अनुसार, 13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशे की बिक्री का विरोध करने के बाद परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केमिस्ट अश्विनी कुमार का नाम सामने आया है।

हत्या के बाद से परिवार और समर्थक धरने पर बैठे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 अक्टूबर तक आंदोलन सातवें दिन में पहुंच गया है और शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिवार CBI जांच समेत पांच मांगों को पूरा करने पर अड़ा हुआ है।

अब अमित शाह के मानसा दौरे पर सभी की नजरें टिकी हैं। एक तरफ एक्शन कमेटी विरोध की तैयारी कर रही है, वहीं झोटा के पिता का कहना है कि उनके बेटे को न्याय दिलाने के लिए गृह मंत्री से मुलाकात होनी चाहिए।

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