मोगा में AAP विधायक अमनदीप कौर के घर 36 घंटे बाद ED की रेड खत्म

मोगा में AAP विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के घर 36 घंटे बाद ED की रेड खत्म, भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाने का लगाया आरोप

पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की करीब 36 घंटे चली कार्रवाई गुरुवार को समाप्त हो गई। टीम के वापस जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाकर जश्न मनाया।

रेड खत्म होने के बाद विधायक ने आरोप लगाया कि उन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि वह अंतिम सांस तक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ खड़ी रहेंगी।

विधायक ने दावा किया कि उन्होंने ED के सभी सवालों के जवाब दिए, लेकिन जांच एजेंसी को उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वह जरूर पेश होंगी।

ED ने मांगे थे मोगा कोर्ट और लोकपाल से जुड़े दस्तावेज

विधायक के वकील एडवोकेट वरिंदर रत्तियां ने बताया कि जांच के दौरान उनसे मामले से संबंधित कुछ दस्तावेज मांगे गए थे। इनमें मोगा कोर्ट और लोकपाल से जुड़े दस्तावेज शामिल थे।

उनके अनुसार, यह मामला भ्रष्टाचार की एक शिकायत से जुड़ा था, जिसे पहले ही वापस लिया जा चुका था।

विधायक के घर सहित सात ठिकानों पर हुई थी तलाशी

ED की टीमों ने मोगा में विधायक के आवास के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी तलाशी ली थी। इनमें डोसांझ रोड स्थित मॉडल कॉलोनी का कैंप कार्यालय और जीटी रोड स्थित आइकॉन हाइट्स का एक फ्लैट शामिल था।

इसके अलावा खन्ना के नजदीक लिबड़ा गांव में विधायक के ननिहाल से जुड़े ठिकाने पर भी टीम पहुंची थी। बाघापुराना स्थित आशीर्वाद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अस्पताल में तलाशी की जानकारी भी सामने आई। इस अस्पताल का संबंध विधायक के पति डॉ. राकेश अरोड़ा से बताया गया है।

कार्रवाई के दायरे में उनके पति से जुड़े अन्य परिसर और परिवार के सदस्यों तथा करीबियों से संबंधित एक अन्य ठिकाना भी शामिल था।

सरकारी जमीन का फर्जी इंतकाल बनाकर मुआवजा लेने का आरोप

इस मामले की शुरुआत 16 जून 2024 को मोगा जिले के धर्मकोट थाने में दर्ज पंजाब पुलिस की एफआईआर से हुई थी। मामला आदरमान गांव की सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसे नेशनल हाईवे-754A के निर्माण के लिए अधिग्रहित किया जाना था।

आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी इंतकाल तैयार किया गया और सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर मुआवजे की रकम हासिल की गई।

इस मामले में निजी लाभार्थी दिलखुश कुमारी को करीब 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा जारी किए जाने की बात सामने आई थी। बाद की जांच में संबंधित जमीन पंजाब सरकार की पाई गई।

यह भी आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया गया था। मोहाली की फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी पाए गए थे।

निलंबित पटवारी नवदीप सिंह के घर भी ED की रेड

गुरुवार सुबह ED की एक टीम ने फिरोजपुर जिले के जीरा में निलंबित पटवारी नवदीप सिंह के घर पर भी तलाशी ली। नवदीप सिंह पहले मोगा जिले के धर्मकोट में तैनात रह चुका है।

उसके खिलाफ 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजस्व विभाग ने निलंबित कर दिया था। उस पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप हैं।

गिरफ्तारी के बाद वह फरीदकोट जेल में बंद था। 7 जुलाई 2026 को जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया था।

AAP कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन

ED की कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधायक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

AAP नेताओं और विधायक के समर्थकों ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया था। वहीं, विधायक ने रेड खत्म होने के बाद भाजपा में शामिल होने के दबाव का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर एजेंसी या भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

 

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