राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार ने राशन कार्ड को लेकर नया नियम लागू कर दिया है. अगर कोई कार्ड धारक चूक जाता है तो उसका कार्ड कैंसिल कर दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने कहा है कि अब राशन कार्ड का ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा. इसके लिए हर 5 साल में ई-केवाईसी कराना पड़ेगा. अगर कोई राशन कार्ड धारक इस काम से चूक जाता है तो उसका कार्ड निलंबित हो जाएगा और उसे मुफ्त अनाज का फायदा नहीं मिलेगा.
सरकार का कहना है कि हर 5 साल में इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी कराने का नियम राशन कार्ड में पारदर्शिता लाने के लिए लगाया गया है. इसका मकसद डुप्लीकेट राशन कार्ड और धोखाधड़ी को रोककर सही लाभार्थियों तक मुफ्त अनाज पहुंचाना है. गौरतलब है कि मोदी सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के तहत साल 2029 तक मुफ्त अनाज की योजना को बढ़ा दिया है, जिसके तहत देश के करीब 80 करोड़ लोगों को फायदा मिल रहा है.
क्या है राशन कार्ड का नया नियम
केंद्र सरकार के उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें कहा गया है कि राज्यों को हर 5 साल में सभी राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा. इसका मकसद राशन कार्डों की डुप्लीकेसी रोकना और इसमें सेंधमारी करने वालों को बाहर निकालना है. ई-केवाईसी के जरिये हर 5 साल में अपात्र लोगों को इसकी सूची से बाहर करके, अन्य पात्र लोगों को मुफ्त अनाज का फायदा पहुंचाना है.
कितने साल पर बनेगा राशन कार्ड
केंद्र सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब राशन कार्ड को 18 साल पूरा होने पर ही बनवाया जा सकेगा. इससे कम उम्र के लोगों को राशन कार्ड रखने का अधिकार नहीं होगा. इसका मतलब हुआ कि 18 साल पूरा करने वाला व्यक्ति ही राशन पर सब्सिडी प्राप्त कर सकता है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड जमा किया जाएगा और जैसे ही बच्चा 5 साल पूरा होगा तो सालभर के भीतर उसकी भी ई-केवाईसी करानी होगी.
कब बंद हो जाएंगे राशन कार्ड
केंद्र की अधिसूचना के अनुसार, अगर किसी राशन कार्ड धारक ने 6 महीने से अनाज नहीं लिया है तो उसका राशन कार्ड निलंबित कर दिया जाएगा. हालांकि, यह निलंबन अस्थायी होगा और उसे बाद में सक्रिय कराया जा सकता है. सभी राज्य सरकारों को 3 महीने के भीतर ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया गया है. अगर किसी को दो राज्यों से राशन कार्ड जारी किए गए हैं, उसकी जांच कर बंद किया जाएगा. कार्ड धारकों को इसे एक्टिव करने के लिए दस्तावेज जमा करके ई-केवाईसी कराने के लिए 3 महीने का समय दिया जाएगा. राशन कार्ड बनाने के लिए अब पहले आओ पहले पाओ की नीति अपनाई जाएगी. आवेदन की स्थिति जानने के लिए राज्यों को अपने पोर्टल पर प्रतीक्षा सूची भी प्रकाशित करनी होगी.