पंजाब में ईजी रजिस्ट्रेशन प्रणाली के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में दस्तावेज़ों की अप्रूवल प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने टोकन सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी रजिस्ट्री, पावर ऑफ अटॉर्नी, वसीयत, तब्दीली मलकियत सहित अन्य संबंधित दस्तावेज़ों के लिए टोकन तभी लगाया जाएगा जब सभी संबंधित पार्टियां—खरीदार, विक्रेता या अन्य—कार्यालय में स्वयं उपस्थित होंगी।
पहले होती थी धांधली, सिस्टम पर पड़ता था बोझ
अब तक कई अर्जीनवीस और उनके कारिंदे पार्टियों की गैर-मौजूदगी में सुबह-सुबह टोकन लगवा लेते थे। इससे ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट सिस्टम बाधित हो जाता था और ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की प्रक्रिया प्रभावित होती थी।
इस कारण अचानक सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में भीड़ बढ़ जाती थी और लोगों को घंटों इंतज़ार करना पड़ता था।
अधिकारियों ने दिए स्पष्ट निर्देश
व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार दमनवीर सिंह, जगतार सिंह, गुरमन गोल्डी और रवनीत कौर ने टोकन काउंटर पर तैनात ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि
“किसी भी दस्तावेज़ का टोकन तभी लगाएं, जब सभी पार्टियां कार्यालय के अंदर मौजूद हों।”
नई व्यवस्था को अब सख्त रूप से लागू कर दिया गया है, ताकि रजिस्ट्री से जुड़े कार्य समय पर और बिना अनावश्यक भीड़ के पूरे हो सकें।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट: एक घंटे पहले या बाद भी शुरू हो सकेगी प्रक्रिया
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले आवेदक अपने निर्धारित समय से एक घंटा पहले और एक घंटा बाद तक दस्तावेज़ प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
उदाहरण के लिए, यदि किसी आवेदक की अपॉइंटमेंट दोपहर 12 बजे की है, तो वह 11 बजे से लेकर 1 बजे तक प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
हालांकि 1 बजे के बाद सिस्टम उस अपॉइंटमेंट को ऑटोमेटिक लॉक कर देगा, जिसके बाद आवेदक को नई अपॉइंटमेंट लेनी होगी।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नई प्रणाली का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था से आम जनता को होने वाली असुविधाओं में कमी आने और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुचारू बनाने की उम्मीद की जा रही है।

