Punjab Weather Update: कड़ाके की ठंड और घनी धुंध से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में 0 विजिबिलिटी

अमृतसर | Punjabi Doordarshan

पंजाब में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और घनी धुंध ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से गुरु नगरी अमृतसर में बीते तीन दिनों से मौसम ने प्रचंड रूप धारण कर लिया है। तड़के सुबह कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़कों और हाईवे पर हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है।

सुबह और देर रात के समय हालात इतने खराब हो रहे हैं कि हाईवे पर एक मीटर आगे तक वाहन नजर नहीं आ रहे, जिसके चलते कई जगह टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। धुंध और बढ़ती ठंड का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों, मजदूर वर्ग और गरीब तबके पर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण ठिठुरन और भी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह हाड़ कंपाती ठंड दिल और सांस के मरीजों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती है।

गांवों और शहरों में धुंध का कहर

ग्रामीण क्षेत्रों में धुंध ने जैसे पूरे दिन डेरा डाल रखा है। कई दिनों से गांवों में लगातार धुंध छाए रहने के कारण दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब शहरी इलाके भी इससे अछूते नहीं रहे। अमृतसर शहर में भी घनी धुंध और भीषण ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

धुंध के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर सुबह ड्यूटी पर निकलने वाले कर्मचारियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो गया है।

पहाड़ी इलाकों जैसा महसूस हो रहा मौसम

वर्तमान हालात में अमृतसर का मौसम पहाड़ी क्षेत्रों जैसा महसूस हो रहा है। बाहरी राज्यों से आए पर्यटक इस मौसम का आनंद तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें भी सड़कों पर घनी धुंध के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

धुंध के चलते रेल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंच रही हैं। साथ ही उड़ानों पर भी इसका असर देखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी ठंड और धुंध का असर बने रहने की संभावना जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

 

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