पंजाब में शीत लहर ने पकड़ा जोर, जनजीवन प्रभावित
जालंधर। उत्तर भारत में शीत लहर ने अचानक तीव्र रूप ले लिया है। सूर्य के दर्शन न होने और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते पंजाब के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती ठंड के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जालंधर में पहले येलो अलर्ट था, जिसे अब ऑरेंज अलर्ट में बदल दिया गया है। विभाग के अनुसार यह अलर्ट 6 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।
घना कोहरा और शीत लहर का डबल असर
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में घना कोहरा, शीत लहर और दिन के समय भी ठंड का प्रभाव बना रहेगा। जालंधर और आसपास के इलाकों में रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है।
कई स्थानों पर दृश्यता 20 से 40 मीटर तक सिमट गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुछ इलाकों में यह 50 मीटर के आसपास रिकॉर्ड की गई। इसके चलते वाहन चालकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट, ठिठुरन बढ़ी
जालंधर में न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। सुबह और देर रात खेतों व खुले इलाकों में कोहरे का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। सड़कों के किनारे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए ठंड गंभीर चुनौती बन गई है।
हल्की बारिश की संभावना
विशेषज्ञों के मुताबिक पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
धूप न निकलने से बढ़ी परेशानी
लगातार धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और बढ़ गया है। दिनभर 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं ने शीत लहर के प्रभाव को और तीव्र कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड के कारण मौसमी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और विशेष रूप से सुबह व रात के समय सावधानी बरतें।

