पंजाब डेस्क:
पंजाब में कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्यभर में शीत लहर लगातार तेज होती जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से लगभग 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी और बर्फीली हवाएं तापमान में भारी गिरावट का कारण बन रही हैं। इसके साथ ही घनी धुंध ने ठंड के प्रकोप को और बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग ने 15 जनवरी से 18 जनवरी तक के लिए मौसम को लेकर बड़ी भविष्यवाणी जारी की है। 15 जनवरी को प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं 16, 17 और 18 जनवरी को कुछ जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में घनी धुंध को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के अंतर्गत आने वाले कृषि अनुसंधान केंद्रों द्वारा जारी तापमान आंकड़ों के अनुसार लुधियाना में अधिकतम तापमान 10.6 डिग्री और न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कंडी अनुसंधान केंद्र बुल्लोवाल सौंखड़ी, बलाचौर (नवांशहर) में अधिकतम तापमान 8.5 डिग्री और न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बठिंडा में अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री और न्यूनतम 3.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि फरीदकोट में अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री और न्यूनतम 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुरदासपुर में अधिकतम तापमान 11.0 डिग्री और न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
गौरतलब है कि 13 जनवरी को कंडी अनुसंधान केंद्र बुल्लोवाल सौंखड़ी में पूरे पंजाब का सबसे कम सुबह का तापमान 0.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं 14 जनवरी को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. नवनीत कौर ने जानकारी दी कि दोपहर के समय बलाचौर इलाका पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान केवल 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 10 डिग्री कम है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह नवांशहर जिले में बीते तीन वर्षों का दिन के तापमान का सबसे निचला स्तर है। पूरे दिन इलाका घनी धुंध की चादर में ढका रहा, जिससे सड़क यातायात, रेल सेवाएं और दैनिक जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ।

