आख़िर क्यों अकाल तख़्त साहिब ने CM भगवंत मान को किया तलब? जानें पूरे विवाद की वजह

अमृतसर/चंडीगढ़:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को उनके एक बयान को लेकर श्री अकाल तख़्त साहिब ने तलब किया है। आज 15 जनवरी को मुख्यमंत्री मान अकाल तख़्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह सुबह 10 बजे एक आम सिख के रूप में नंगे पांव श्री अकाल तख़्त साहिब पहुंचेंगे।

दरअसल, यह पूरा विवाद 27 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब प्रसिद्ध पंजाबी गायक जसबीर जस्सी ने गुरदासपुर में आयोजित एक धार्मिक समागम के दौरान शबद कीर्तन किया। इस शबद गायन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।

इसके अगले दिन, 28 दिसंबर 2025 को श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने इस पर आपत्ति जताई। जत्थेदार ने कहा कि जसबीर जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए उन्हें शबद गायन करने का अधिकार नहीं है। इस बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई।

मामले ने तब राजनीतिक रूप ले लिया, जब 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि सहजधारी सिखों को शबद गायन से रोका जाता है, तो उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेकने और गोलक में दान देने से भी रोका जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के इसी बयान को सिख मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए श्री अकाल तख़्त साहिब ने कड़ा संज्ञान लिया और उन्हें तलब किया। अकाल तख़्त का मानना है कि इस तरह के बयान सिख परंपराओं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं।

आज मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख़्त साहिब के समक्ष पेश होकर पूरे मामले पर अपना पक्ष रख रहे हैं। इस पेशी को धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम माना जा रहा है, जिस पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *