पंजाबी दूरदर्शन डेस्क | अमृतसर
पंजाब की राजनीति और सिख धार्मिक संस्थानों से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। Akal Takht के जत्थेदार Kuldeep Singh Gargaj के आदेश पर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की कथित आपत्तिजनक वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
वीडियो की तकनीकी जांच शुरू
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो को तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वीडियो असली है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद इसकी सत्यता को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
क्या है पूरा मामला
मामले की शुरुआत 5 जनवरी 2026 को हुई, जब अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो और गोलक सहित अन्य सिख मुद्दों पर बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था।
इसके बाद 15 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान नंगे पैर Golden Temple पहुंचे और अकाल तख्त सचिवालय के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।
AI से फर्जी वीडियो बनाने का आरोप
अकाल तख्त के समक्ष पेशी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया था कि उनके राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें बदनाम करने और सिख परंपराओं से जुड़े विवाद खड़े करने के उद्देश्य से AI द्वारा निर्मित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित की है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजरें
अब इस पूरे मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट को निर्णायक माना जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो वास्तविक है या डिजिटल तरीके से तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज
वीडियो की जांच की खबर सामने आने के बाद पंजाब के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी की निगाहें अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अकाल तख्त के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

