पटियाला/नाभा:
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आज नाभा जेल से बाहर आ गए। सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई, जिसके चलते जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और जोरदार स्वागत किया गया।
मजीठिया को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा हुआ है। गिरफ्तारी के बाद से ही मजीठिया लगातार न्यायिक हिरासत में थे और बीते करीब सात महीनों से नाभा जेल में बंद थे।
2 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राज्य सरकार से सवाल किया था कि आखिर मजीठिया को जेल में बनाए रखने की आवश्यकता क्यों है। अदालत ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि वह लंबे समय से हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई में अभी समय लग सकता है।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी ध्यान में रखा कि मजीठिया को वर्ष 2022 में एनडीपीएस मामले में पहले ही ज़मानत मिल चुकी थी, जिसे रद्द कराने की राज्य सरकार की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में खारिज कर दिया था। इसके अलावा, पिछली सुनवाई में मजीठिया की ओर से सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अंतरिम ज़मानत की मांग भी रखी गई थी।
मामले की परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत मंज़ूर की, जिसके बाद आज मजीठिया की रिहाई संभव हो सकी। उनकी रिहाई को पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

