पंजाब सरकार का ‘मिशन एडमिशन’ शुरू, सभी सरकारी स्कूलों में पेरेंट्स मीटिंग; पहली से 12वीं तक दाखिले खुले

लुधियाना:
पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मिशन एडमिशन’ की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इसके तहत पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक के दाखिले खोल दिए गए हैं। इसी कड़ी में आज राज्यभर के सभी सरकारी स्कूलों में पेरेंट्स मीटिंग और विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

शिक्षा विभाग के अनुसार, बीते शैक्षणिक सत्र 2025–26 में दाखिला ग्राफ में आई गिरावट के बाद सरकार इस बार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी वजह से चुनावी वर्ष से पहले एडमिशन बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

पेरेंट्स को सरकारी स्कूलों की खूबियां बताई गईं

वर्कशॉप के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं, आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल संसाधनों और योग्य शिक्षकों की जानकारी दी। साथ ही सरकारी और निजी स्कूलों की तुलना करके बताया गया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता किसी भी तरह से कम नहीं है।

पेरेंट्स को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के अन्य बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए जागरूक करें।

शिक्षकों ने बताई परीक्षा में पेरेंट्स की भूमिका

सरकारी स्कूल पीएयू के प्रिंसिपल प्रदीप शर्मा ने कहा कि परीक्षा के समय बच्चे मानसिक दबाव में रहते हैं। ऐसे समय में पेरेंट्स का सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को समय दें, उनसे बातचीत करें और सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

उन्होंने बताया कि शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से असाइनमेंट भेज रहे हैं और पेरेंट्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे उन्हें समय पर पूरा कर रहे हैं।

नेगेटिव माहौल से दूर रखें बच्चे

सरकारी प्राइमरी स्कूल मोती नगर के मुख्य अध्यापक सुखधीर सिंह सेखों ने कहा कि परीक्षा के दिनों में बच्चों को डांटने या नकारात्मक माहौल से दूर रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि पेरेंट्स बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई करें और उनकी समस्याओं को समझें, ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े।

सरकार का लक्ष्य

शिक्षा विभाग का कहना है कि मिशन एडमिशन के जरिए सरकारी स्कूलों की छवि को और मजबूत करना, पेरेंट्स का भरोसा बढ़ाना और अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा से जोड़ना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

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