बठिंडा:
पंजाब के बठिंडा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक मां ने कथित तौर पर अपने 12 साल की बेटी और 8 साल के बेटे की जहर देकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे उसके प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे थे, इसी वजह से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपी महिला और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
15 दिन में दो बच्चों की मौत, ऐसे खुला राज
करीब 15 दिन पहले बठिंडा के रामपुरा फूल क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची सुखप्रीत कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय परिवार ने बिना किसी पुलिस शिकायत के बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।
बीती शुक्रवार रात, उसी परिवार के 8 वर्षीय बेटे फतेहवीर सिंह की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत से गहराया शक
लगातार 15 दिनों के भीतर दो मासूम बच्चों की मौत के बाद गांव के लोगों और बच्चों के पिता बुध सिंह को बच्चों की मां जस्सी कौर पर शक हुआ। इसके बाद गांव के सरपंच और ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस को शिकायत दी गई।
FIR दर्ज, मां ने किया जुर्म कबूल
ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने बच्चों की मां जस्सी कौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मनोज कुमार (DSP) के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी महिला ने कबूल किया कि उसने अपनी बहन मोटो कौर के साथ मिलकर बच्चों के खाने में चूहे मारने की दवा मिलाई थी।
प्रेम संबंध बने हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि जस्सी कौर के किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध थे। बच्चे इस रिश्ते में बाधा बन रहे थे, इसलिए उसने इस अमानवीय कदम को उठाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने 8 वर्षीय बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद जहर की पुष्टि और मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा होगा।
पुलिस का बयान
बठिंडा के एसपी (डी) जसमीत सिंह ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि मां ने ही दोनों बच्चों को जहर दिया। आरोपी मां और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला न केवल कानून बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि किसी भी साजिश या अन्य व्यक्ति की भूमिका को नजरअंदाज न किया जाए।

