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पटियाला में आयोजित सरस मेले के दौरान रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मेले में लगा एक विशाल झूला अचानक ऊपर जाकर जाम हो गया। झूला करीब 70 से 80 फीट की ऊंचाई पर रुक गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक बच्चे हवा में लटक गए।
घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के माता-पिता घबराकर रोने-चिल्लाने लगे और प्रशासन से तुरंत मदद की गुहार लगाई।
करीब एक घंटे तक हवा में फंसे रहे बच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला अचानक ऊपर जाकर रुक गया और काफी देर तक नीचे नहीं आ सका। बच्चों को करीब एक घंटे तक ऊंचाई पर ही फंसे रहना पड़ा। इस दौरान बच्चों की चीख-पुकार से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। एडीसी डिवैल्पमेंट दमनजीत मान की अगुवाई में एक टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित नीचे उतारा गया और उनके माता-पिता के हवाले किया गया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ।
झूलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। अभिभावकों और मेले में मौजूद लोगों ने सवाल उठाए कि—
- झूलों की तकनीकी जांच (सेफ्टी टेस्टिंग) क्यों नहीं की गई?
- ये झूले कहां से लाए गए और इन्हें चलाने वाले लोग कौन हैं?
- सरकारी मेला होने के बावजूद मनमाने शुल्क क्यों वसूले जा रहे थे?
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बच्चों को नीचे न उतारा जाता, तो यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
लापरवाही पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि
- दोषी झूला संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
- भविष्य में मेलों में झूलों की अनिवार्य सेफ्टी जांच सुनिश्चित की जाए

