Punjabi Doordarshan | गुरदासपुर डेस्क
गुरदासपुर:
ASI और होमगार्ड जवान की हत्या के मामले में एनकाउंटर के दौरान मारे गए आरोपी रणजीत सिंह का सात दिन बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर सिविल अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।
कोर्ट के आदेश पर हुआ पोस्टमॉर्टम
रणजीत सिंह की मां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग किया। अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सीनियर मेडिकल अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम CJM की निगरानी में किया गया, जिसमें दो फॉरेंसिक विशेषज्ञ अमृतसर से और एक डॉक्टर गुरदासपुर सिविल अस्पताल से शामिल थे।
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार ने तत्काल शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक रणजीत सिंह के पिता विदेश से वापस नहीं लौटते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों ने मांग की कि शव अस्पताल में ही रखा जाए। प्रशासन और परिवार के बीच बातचीत के बाद फिलहाल शव को अगले दिन तक अस्पताल में रखने पर सहमति बनी है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के शव मिले थे। यह चौकी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है।
25 फरवरी को आरोपी रणजीत सिंह को पुलिस हथियार की बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी, तभी पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वह फरार हो गया। बाद में CIA टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया, जहां मुठभेड़ के दौरान वह मारा गया। इस कार्रवाई में CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह सहित पांच पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।
सुरक्षा कड़ी, जांच जारी
घटना के बाद से पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

