Punjabi Doordarshan | गुरदासपुर डेस्क
दीनानगर:
गुरदासपुर एनकाउंटर में मारे गए रणजीत सिंह का पोस्टमॉर्टम होने के बाद मंगलवार को उनका शव उनके गांव आदिया पहुंचा। शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया और परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रोने लगे।
गांव में उमड़ी लोगों की भीड़
जैसे ही शव गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के लोग रणजीत सिंह के घर पहुंच गए। पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
अंतिम संस्कार से परिवार का इनकार
परिवार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक रणजीत सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों का आरोप है कि एनकाउंटर में रणजीत सिंह को गलत तरीके से गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
परिवार ने पंजाब सरकार से मांग की है कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस एनकाउंटर में कार्रवाई की, उनके खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर केस दर्ज नहीं होता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
गांव में तनावपूर्ण माहौल
गांव में इस समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। परिजनों ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पहले क्या हुआ था?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गुरदासपुर जिले में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी रणजीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। यह घटना भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित क्षेत्र में हुई थी।

