Punjabi Doordarshan | चंडीगढ़ डेस्क
Union Public Service Commission ने पंजाब में नियमित डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर राज्य सरकार को पत्र भेजा है। आयोग ने सरकार से योग्य अधिकारियों का पैनल जल्द भेजने के लिए कहा है।
पहले पत्र का नहीं मिला जवाब
सूत्रों के अनुसार UPSC के सचिव शशि रंजन कुमार ने पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा को पत्र लिखकर इस मामले की व्यक्तिगत समीक्षा करने को कहा है।
बताया जा रहा है कि यह पत्र 5 मार्च को भेजा गया था, क्योंकि पहले भेजे गए पत्र का राज्य सरकार की ओर से जवाब नहीं मिला।
पहले भी दिया गया था नोटिस
इससे पहले 18 फरवरी को भी UPSC ने पत्र लिखकर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी पद की रिक्ति 5 फरवरी 2026 से मानी जाएगी। आयोग ने राज्य सरकार से दस दिनों के भीतर योग्य अधिकारियों की सूची भेजने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
Supreme Court of India ने 5 फरवरी 2026 को उन राज्यों पर सख्त टिप्पणी की थी जो लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी के सहारे काम चला रहे हैं। अदालत ने UPSC को ऐसे राज्यों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे।
पंजाब में कार्यवाहक DGP
पंजाब में गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं। वह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और लगभग तीन साल से इस पद पर बने हुए हैं।
चयन प्रक्रिया कैसे होती है
UPSC की तय प्रक्रिया के अनुसार:
- राज्य सरकार योग्य आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजती है।
- आयोग वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन नामों का चयन करता है।
- इसके बाद राज्य सरकार इन तीन में से एक अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करती है।

