Punjabi Doordarshan | बिजनेस/नीति रिपोर्ट
चंडीगढ़: शहर में नई आबकारी नीति लागू कर दी गई है, जिसके तहत शराब कारोबार में बड़े बदलाव किए गए हैं। इस नीति का उद्देश्य मोनोपॉली खत्म करना और बिक्री प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।
अब पेट्रोल पंप और मॉल में भी शराब बिक्री
नई नीति के अनुसार:
- पेट्रोल पंप, मॉल और मार्केट में शराब बिक्री की अनुमति
- L-2D लाइसेंस के तहत वाइन और बीयर की रिटेल बिक्री
- कम से कम 300 वर्ग फुट क्षेत्र जरूरी
किन स्टोर्स को मिलेगा लाइसेंस
डिप्टी कमिश्नर के अनुसार:
- पेट्रोल पंप पर स्थित स्टोर बड़ा होना चाहिए
- सालाना ₹3 करोड़ GST रिटर्न की शर्त पूरी करनी होगी
- तभी लाइसेंस दिया जाएगा
डिजिटल पेमेंट हुआ अनिवार्य
नई नीति के तहत:
- केवल कैश नहीं, डिजिटल पेमेंट भी जरूरी
- POS मशीन और कार्ड पेमेंट अनिवार्य
बार और होटल के लिए नए नियम
- बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोमीटर अनिवार्य
- ग्राहक खुद अपना अल्कोहल स्तर जांच सकेंगे
नीलामी से बढ़ा राजस्व
शराब ठेकों की ई-नीलामी में प्रशासन को बड़ा फायदा हुआ:
- 11 ठेकों से ₹62.38 करोड़
- कुल 93 ठेकों से अब तक ₹550 करोड़+ राजस्व
- रिजर्व प्राइस से करीब 28% ज्यादा आय
सुरक्षा और निगरानी
नई नीति में आधुनिक तकनीक पर भी जोर:
- GPS ट्रैकिंग लागू
- सप्लाई और बिक्री पर निगरानी
- पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
निष्कर्ष
चंडीगढ़ की नई आबकारी नीति से शराब बिक्री का दायरा बढ़ा है, वहीं डिजिटल भुगतान और तकनीकी निगरानी के जरिए इसे ज्यादा व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है। आने वाले समय में इसका असर बाजार और राजस्व दोनों पर देखने को मिलेगा।

