पंजाब में गैस संकट का असर स्कूलों तक
मोगा: देश में बढ़ती LPG कमी का असर अब स्कूलों तक पहुंच गया है। Moga जिले के कई सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील अब गैस की जगह लकड़ी के चूल्हों पर बनाया जा रहा है, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं।
65 हजार बच्चों के भोजन पर असर
- जिले में कुल 606 स्कूल
- करीब 65,000 बच्चों को रोज मिड-डे मील
- कई स्कूलों में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित
👉 उदाहरण:
- जलालाबाद पूर्वी स्कूल – 450 बच्चों का खाना चूल्हे पर
- गार्डन कॉलोनी स्कूल – 187 बच्चों के लिए भी यही व्यवस्था
मजबूरी में चूल्हे का सहारा
- गैस न मिलने पर लकड़ी जलाकर खाना पकाया जा रहा है
- रसोइयों को धुएं और ज्यादा मेहनत का सामना
- रोजाना 8–10 क्विंटल लकड़ी की जरूरत
👉 इससे खर्च भी काफी बढ़ गया है और काम मुश्किल हो गया है।
स्कूल प्रशासन की परेशानी
- कई जगह शिक्षक अपने घर से सिलेंडर ला रहे हैं
- कुछ मामलों में सिलेंडर चोरी भी हुए
- समय पर सप्लाई न मिलने से सिस्टम पर दबाव
प्रशासन का क्या कहना है?
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार:
- समस्या कुछ स्कूलों तक सीमित है
- सप्लाई सुधारने के लिए कमेटी गठित की गई है
- स्कूलों को वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश
निष्कर्ष
पंजाब में LPG की कमी अब बच्चों के पोषण कार्यक्रम को प्रभावित कर रही है। हालांकि स्कूल किसी तरह भोजन उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक यह व्यवस्था टिकाऊ नहीं है।
जल्द समाधान न हुआ तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

