पंजाबी दूरदर्शन | विशेष रिपोर्ट
पंजाब डेस्क: कनाडा में नए इमिग्रेशन नियम लागू होने के बाद हजारों पंजाबी युवाओं के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, करीब 30 हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें लगभग 9 हजार पंजाबी छात्र और कामगार शामिल बताए जा रहे हैं।
नए कानून का असर
सूत्रों के मुताबिक, Bill C-12 लागू होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह नोटिस उन लोगों को भेजे गए हैं, जो वर्क परमिट समाप्त होने के बाद शरणार्थी के तौर पर कनाडा में रह रहे थे। अब इन पर डिपोर्टेशन की आशंका जताई जा रही है।
छात्रों में बढ़ी चिंता
नए नियमों के कारण बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्रों, खासकर पंजाबी युवाओं में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अचानक नियमों में बदलाव से उनका करियर और भविष्य दोनों खतरे में पड़ गए हैं।
इस फैसले के विरोध में कई शहरों में प्रदर्शन भी किए गए, जिनमें छात्रों ने सरकार से राहत देने की मांग की।
सरकार का पक्ष
कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री Marc Miller ने स्पष्ट किया है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि शरणार्थी का दर्जा केवल उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जो वास्तव में गंभीर परिस्थितियों—जैसे युद्ध या उत्पीड़न—का सामना कर रहे हों।
नोटिस मिलने पर क्या करें
- नोटिस मिलने के 21 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा
- इमिग्रेशन वकील से सलाह लेकर ही जवाब दाखिल करने की सलाह दी गई है
- देरी होने पर ठोस कारण और प्रमाण प्रस्तुत करना जरूरी होगा
कानूनी विकल्प भी उपलब्ध
प्रभावित लोगों के पास कुछ कानूनी विकल्प भी मौजूद हैं:
- Pre-Removal Risk Assessment के तहत अपनी स्थिति का मूल्यांकन करवा सकते हैं
- यदि स्वेच्छा से कनाडा छोड़ते हैं, तो भविष्य में वापस आने की संभावना बनी रह सकती है
- जबरन डिपोर्ट होने पर दोबारा प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लग सकता है
विशेषज्ञों की राय
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों के बाद शरणार्थी के रूप में कनाडा में रुकना काफी कठिन हो जाएगा। सख्त समयसीमा और पात्रता शर्तों के कारण हजारों विदेशी नागरिकों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।

