पंजाबी दूरदर्शन | विशेष रिपोर्ट
पंजाब डेस्क: पंजाब के होशियारपुर से जुड़ी एक प्रेरणादायक कहानी इन दिनों सुर्खियों में है, जहां एक मां के संघर्ष और मेहनत ने उसकी बेटियों को विदेश की राजनीति में पहचान दिलाई है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
जानकारी के अनुसार, टांडा क्षेत्र के गांव रड़ा में विवाह के बाद Mandeep Kaur वर्ष 2012 में अपनी दो छोटी बेटियों के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश चली गईं। शुरुआती दौर में उन्हें व्यक्तिगत और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
बाद में वह Germany पहुंचीं, जहां उन्होंने एक रेस्टोरेंट में काम करते हुए अपनी बेटियों की परवरिश की और उन्हें शिक्षा दिलाई।
बेटियों ने हासिल की राजनीतिक पहचान
उनकी बड़ी बेटी Harpreet Kaur ने 2022 में स्थानीय स्तर पर चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2026 में उन्होंने सिटी काउंसिल चुनाव में भी जीत दर्ज की।
वहीं छोटी बेटी Komalpreet Kaur ने भी ओसलैंडर चुनाव में भाग लेकर जीत हासिल की और राजनीति में अपनी जगह बनाई।
प्रवासी भारतीयों की आवाज बनीं
दोनों बहनें अब जर्मनी में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासी समुदाय के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं और उनकी आवाज बनकर उभर रही हैं।
प्रेरणादायक मिसाल
यह कहानी दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर हौसला और मेहनत हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। मां की संघर्षपूर्ण यात्रा और बेटियों की सफलता आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।
