पंजाब में भीषण गर्मी के चलते स्कूल टाइम बदलने की मांग तेज, अभिभावकों ने उठाई आवाज

पंजाबी दूरदर्शन | विशेष रिपोर्ट

लुधियाना: पंजाब में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच अब स्कूलों के समय में बदलाव की मांग तेज हो गई है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि मौजूदा हालात में बच्चों को दोपहर तक स्कूल में रखना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

हीट वेव का बच्चों पर असर

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और लू के कारण सबसे ज्यादा असर स्कूली विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का शरीर अत्यधिक गर्मी को सहन करने में सक्षम नहीं होता, जिससे डिहाइड्रेशन, चक्कर और नकसीर जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

समय बदलने की उठी मांग

अभिभावकों ने सरकार से अपील की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक किया जाए। उनका कहना है कि दोपहर के बाद गर्मी असहनीय हो जाती है, जिससे बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं।

सरकारी स्कूलों में ज्यादा परेशानी

स्थिति विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में चिंताजनक बताई जा रही है। बिजली कटों के कारण क्लासरूम में पंखे और कूलर बंद हो जाते हैं, जिससे बच्चे उमस और गर्मी में पढ़ने को मजबूर हैं। कई जगहों पर पीने के पानी की भी समस्या सामने आ रही है।

National Disaster Management Authority (NDMA) की गाइडलाइंस के अनुसार स्कूलों को लू से बचाव के उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव सीमित नजर आ रहा है।

साइकिल से आने वाले बच्चों पर खतरा

ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के कई छात्र साइकिल से स्कूल आते हैं। दोपहर की तेज धूप में घर लौटते समय उन्हें लू का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने के मामले बढ़ रहे हैं।

उपस्थिति पर भी असर

भीषण गर्मी का असर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा है। कई स्कूलों में हाजिरी में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

सरकार से त्वरित निर्णय की मांग

अभिभावकों और शिक्षकों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है, ताकि बच्चों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो।

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