पंजाबी दूरदर्शन | विशेष रिपोर्ट
अमृतसर: अजनाला थाने में दर्ज एक पुराने मामले में Amritpal Singh की पेशी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई गई। इस दौरान अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी
जानकारी के अनुसार, FIR नंबर 39 (धारा 307) से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत यह पेशी वर्चुअल माध्यम से हुई। प्रक्रिया के तहत जांच में शामिल होने की औपचारिकताएं भी इसी माध्यम से पूरी की गईं।
प्रॉसिक्यूशन ने मांगी रिमांड
अभियोजन पक्ष ने 15 दिन की रिमांड की मांग करते हुए हथियारों की बरामदगी, गाड़ियों की रिकवरी और मोबाइल फोन की जांच को आधार बनाया। उनका तर्क था कि मामले में अभी और जांच की जरूरत है।
बचाव पक्ष का कड़ा विरोध
बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट Rituraj Singh Sandhu ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पिछले 3-4 वर्षों से चल रहा है और अधिकांश सबूत पहले ही बरामद किए जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केस में फायरिंग या किसी के घायल होने जैसी कोई ठोस घटना सामने नहीं आई है, जिससे अभियोजन की दलीलें कमजोर पड़ती हैं।
दलीलों में विरोधाभास का आरोप
बचाव पक्ष ने पुलिस की दलीलों में विरोधाभास होने का भी आरोप लगाया। एक ओर जहां पुलिस कई गाड़ियों की बरामदगी बाकी होने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर एक विशेष वाहन पर जोर दिया जा रहा है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
मामले में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस के बाद अब कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सभी की नजरें अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।

