अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता बरकरार: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी परिवारों को बड़ी राहत
पंजाबी दूरदर्शन | जालंधर
अमेरिका में रहने वाले भारतीयों, खासकर पंजाबी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत सामने आई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (Birthright Citizenship) को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। इस निर्णय के बाद अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को पहले की तरह अमेरिकी नागरिकता मिलती रहेगी, भले ही उनके माता-पिता अस्थायी वीजा पर हों या उनकी आव्रजन स्थिति विवादित हो।
इस फैसले को अमेरिका में बसे हजारों भारतीय और पंजाबी परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनके बच्चों के नागरिकता अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
पंजाबी परिवारों को सबसे अधिक राहत
प्रवासी समुदाय से जुड़े अनुमानों के अनुसार, हर वर्ष अमेरिका में भारतीय मूल के हजारों बच्चों का जन्म होता है, जिनमें बड़ी संख्या पंजाब से जुड़े परिवारों की होती है। इस फैसले के बाद ऐसे बच्चों की नागरिकता को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त हो गई है।
अमेरिका के विभिन्न राज्यों, विशेष रूप से कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में बड़ी संख्या में पंजाबी परिवार रहते हैं। ऐसे परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
कोर्ट ने संविधान का दिया हवाला
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिकता का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने माना कि जन्म से मिलने वाली नागरिकता अमेरिकी संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ट्रंप प्रशासन ने किया था बदलाव का प्रयास
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान कार्यकारी आदेश के जरिए जन्मजात नागरिकता की व्यवस्था में बदलाव की कोशिश की थी। उनका तर्क था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी वीजा धारकों के बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की व्याख्या करते हुए जन्म के आधार पर नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा।
भारतीय समुदाय के लिए क्यों है अहम फैसला
यह फैसला उन भारतीय परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो अमेरिका में शिक्षा, रोजगार या अन्य कारणों से रह रहे हैं। अब अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता मिलने से उन्हें भविष्य में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं तक कानूनी रूप से पहुंच आसान रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीयों, विशेषकर पंजाबी समुदाय, को कानूनी और सामाजिक स्थिरता मिलेगी।
समुदाय ने फैसले का किया स्वागत
अमेरिका में सक्रिय कई भारतीय और पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे संविधान और नागरिक अधिकारों की जीत बताया है। उनका कहना है कि इससे हजारों परिवारों के भविष्य को लेकर बनी चिंता दूर होगी और अमेरिका में जन्मे बच्चों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

