पठानकोट में बड़ा हादसा टला: बारिश से भरे अंडरपास में फंसी श्रद्धालुओं की बस, 55 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
पंजाबी दूरदर्शन | पठानकोट
पंजाब के पठानकोट जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे-44 पर सुजानपुर स्थित रेलवे अंडरपास में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं से भरी एक टूरिस्ट बस बीच रास्ते में फंस गई। समय रहते सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF), पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त कार्रवाई से बस में सवार सभी 55 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
वैष्णो देवी जा रही थी श्रद्धालुओं से भरी बस
जानकारी के अनुसार, टूरिस्ट बस उत्तराखंड के देहरादून से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 55 यात्री सवार थे, जिनमें 13 बच्चे भी शामिल थे।
भारी बारिश के चलते अंडरपास में पानी भर गया था। रात के समय पानी की गहराई का सही अनुमान न लग पाने के कारण बस बीच पानी में फंस गई और इंजन बंद हो गया। इसके बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बस में मौजूद यात्रियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। जानकारी मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव अभियान में स्थानीय युवाओं ने भी सहयोग किया।
संयुक्त प्रयासों से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।
महिला श्रद्धालु ने बचाव दल का जताया आभार
बस में सवार एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वे परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे। अचानक बस पानी में फंसने से सभी यात्री घबरा गए थे। उन्होंने बचाव अभियान में शामिल पुलिस और सड़क सुरक्षा फोर्स की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मदद मिलने से सभी की जान बच गई।
हाइड्रा मशीन की मदद से निकाली गई बस
यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद प्रशासन ने हाइड्रा मशीन की सहायता से पानी में फंसी बस को भी बाहर निकाल लिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि मानसून के दौरान जलभराव वाले अंडरपास और निचले इलाकों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें। यदि सड़क पर पानी अधिक भरा हो तो बिना स्थिति का आकलन किए वाहन आगे न बढ़ाएं और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

