कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अमृतसर के लवप्रीत सिंह ने जीता सिल्वर मेडल, गांव में जश्न
अमृतसर | पंजाबी दूरदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए गर्व का एक और पल आया है। पंजाब के अमृतसर के रहने वाले लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110+ किलोग्राम भारवर्ग की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और प्रदेश में खुशी की लहर है।
388 किलोग्राम वजन उठाकर जीता रजत पदक
लवप्रीत सिंह ने प्रतियोगिता में स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम वजन उठाया। कुल 388 किलोग्राम भार उठाकर उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
स्वर्ण पदक न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने 389 किलोग्राम वजन उठाकर जीता, जबकि इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने कांस्य पदक अपने नाम किया। लवप्रीत गोल्ड मेडल से महज 1 किलोग्राम पीछे रह गए।
गांव में खुशी का माहौल
लवप्रीत की जीत की खबर मिलते ही अमृतसर के सीमावर्ती गांव बल सचंदर में जश्न शुरू हो गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
गांव के सरपंच जुगराज सिंह ने कहा कि लवप्रीत ने अपने गांव, परिवार और पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे करीब 10 से 12 वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष है।

भारतीय नौसेना में भी दे रहे हैं सेवाएं
लवप्रीत सिंह केवल एक खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना में जवान के रूप में देश की सेवा भी कर रहे हैं। खेल और देश सेवा दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान युवाओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।
माता-पिता ने जताई खुशी
लवप्रीत के पिता किरपाल सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले बेटे ने पदक जीतकर लौटने का वादा किया था, जिसे उसने पूरा कर दिखाया।
वहीं उनकी माता सुखविंदर कौर ने इस उपलब्धि का श्रेय वाहेगुरु की कृपा और बेटे की वर्षों की मेहनत को दिया।
साधारण परिवार से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
लवप्रीत सिंह अमृतसर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता दर्जी का काम करते हैं, जबकि उनके दादा सब्जियां बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद लवप्रीत ने कठिन परिश्रम और समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है।

