Canada Deportation: 4 पंजाबी युवाओं को किया गया डिपोर्ट, एक्सटॉर्शन और गैंग से जुड़े मामलों में कार्रवाई
कनाडा से चार पंजाबी युवाओं को डिपोर्ट किए जाने की खबर सामने आई है। यह कार्रवाई कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की ओर से संगठित अपराध और जबरन वसूली जैसे मामलों में शामिल विदेशी नागरिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा बताई जा रही है।
एजेंसी के अनुसार, 3 सितंबर तक इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट (IRPA) के तहत कुल 188 प्रवासियों के खिलाफ रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए थे। इनमें से 111 लोगों को डिपोर्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पंजाब के चार युवाओं के नाम शामिल
डिपोर्ट किए गए लोगों में पंजाब से संबंधित पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह के नाम बताए गए हैं। इन सभी के मामलों में अलग-अलग आपराधिक आरोप या दोषसिद्धि से जुड़ी जानकारी दी गई है।
पलविंदर सिंह
पलविंदर सिंह को 2025 में फिरौती से जुड़े एक शूटआउट और एक क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन से संबंध के आरोपों के आधार पर डिपोर्ट किए जाने की जानकारी दी गई है।
जसमेर सिंह
जसमेर सिंह को गैर-कानूनी तरीके से किसी व्यक्ति को बंधक बनाए जाने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद डिपोर्ट किए जाने की बात सामने आई है।
अमितोज बाजवा
अमितोज बाजवा के मामले में हथियार के इस्तेमाल, फिरौती के लिए फायरिंग और एक क्रिमिनल गैंग से संबंध के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
साहिबजोत सिंह
साहिबजोत सिंह के बारे में बताया गया है कि वह एक क्रिमिनल गैंग नेटवर्क से जुड़ा था और उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। इसके बाद उसे डिपोर्ट किया गया।
अलग-अलग रीजन में भी कार्रवाई
CBSA की कार्रवाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैसिफिक रीजन में 91 लोगों के खिलाफ रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए, जिनमें से 58 को डिपोर्ट किया गया।
वहीं प्रेयरी रीजन में 47 रिमूवल ऑर्डर जारी हुए और इनमें से 30 लोगों को कनाडा से बाहर भेजा गया।
इसके अलावा ग्रेटर टोरंटो एरिया में 50 प्रवासियों के खिलाफ रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए, जिनमें से 23 लोगों को डिपोर्ट किया गया।
कनाडा में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई
CBSA की यह कार्रवाई कनाडा में विदेशी नागरिकों से जुड़े संगठित अपराध और एक्सटॉर्शन के मामलों पर बढ़ते फोकस के बीच सामने आई है। रिमूवल ऑर्डर और डिपोर्टेशन की कार्रवाई संबंधित इमिग्रेशन और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जाती है।
यहां उल्लेखित आरोप और मामलों का विवरण उपलब्ध एजेंसी संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाए जाने और अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने में अंतर होता है।

