बिना बालों की पंजाबी दुल्हन बनी प्रेरणा की मिसाल, महिमा घई ने तोड़ी समाज की सुंदरता की परिभाषा
इंटरनेशनल डेस्क | Punjabi Doordarshan
जहां आज भी सुंदरता को लंबे और घने बालों से जोड़ा जाता है, वहीं 27 वर्षीय महिमा घई ने बिना बालों के दुल्हन बनकर दुनिया भर के लिए एक नई मिसाल कायम की है। उनकी शादी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह आत्मविश्वास से भरी, बेहद खूबसूरत और सशक्त दुल्हन के रूप में नजर आ रही हैं।
महिमा बचपन से ही एलोपेसिया नामक एक दुर्लभ और लाइलाज ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित हैं। महज दो साल की उम्र में उनके बाल पूरी तरह झड़ गए थे। इसके बाद उन्होंने समाज, तानों, इलाज की तकलीफ और मानसिक संघर्ष — सबका सामना किया।

दर्दनाक इलाज और मानसिक संघर्ष
पंजाबी परिवार से होने के कारण, जहां बालों को सुंदरता की सबसे बड़ी पहचान माना जाता है, महिमा और उनके परिवार को कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। आठवीं से ग्यारहवीं कक्षा तक उन्हें हर हफ्ते सिर में करीब 300 इंजेक्शन लगाए जाते थे।
इन इलाजों के गंभीर साइड इफेक्ट्स सामने आए —
उनका वजन बढ़कर 110 किलो तक पहुंच गया, शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स आ गए और आत्मविश्वास पूरी तरह टूटने लगा।

तानों से आत्मस्वीकृति तक का सफर
समाज की नजरों और तानों के बीच महिमा ने एक अहम फैसला लिया — खुद को वैसे ही स्वीकार करना, जैसी वह हैं।
उन्होंने विग, स्कार्फ और मेकअप से छुपने के बजाय अपनी सच्चाई को गर्व के साथ अपनाया।
शादी जिसने दुनिया को संदेश दिया
अपनी शादी के दिन महिमा बिना बालों के दुल्हन बनीं और पूरे आत्मविश्वास के साथ मंडप तक पहुंचीं। उनके चेहरे पर न झिझक थी, न डर — सिर्फ प्रेम, साहस और आत्मसम्मान की चमक।
उनकी कहानी आज हजारों लड़कियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है कि सच्ची सुंदरता आत्मविश्वास और आत्मस्वीकृति से जन्म लेती है।

