पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी निजी स्कूलों में ले सकेंगे दाखिला।

चंडीगढ़। अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी निजी स्कूलों में दाखिला ले सकेंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम-2011 की धारा 7 (01) को हटाने के लिए पंजाब नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम-2011 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है।

अब निजी स्कूलों में भी गरीब विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अवसर खुलेंगे, जबकि सरकारी स्कूलों में यह सुविधा पहले से उपलब्ध है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, सभी निजी स्कूलों में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी। हालांकि, पिछली सरकारों द्वारा बनाए गए नियमों के कारण विद्यार्थी इस सुविधा से सीधे तौर पर वंचित रह जाते थे। लेकिन पंजाब सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से अब कमजोर और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के लिए सभी बाधाएं समाप्त हो जाएंगी, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने बजट सत्र के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा 26 मार्च को बजट पेश करेंगे। साथ ही, मंत्रिमंडल ने वर्ष 2023-24 के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को सदन में पेश करने की भी मंजूरी दे दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *