Punjabi Doordarshan | Weather Update
चंडीगढ़ में इस बार मौसम ने तय समय से पहले ही करवट ले ली है। फरवरी का महीना खत्म होने से पहले ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम के मौजूदा हालात साफ संकेत दे रहे हैं कि मार्च के मध्य तक चंडीगढ़ में तेज गर्मी लोगों को झुलसाने लग सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 फरवरी को शहर का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, जो पिछले 15 वर्षों में फरवरी के दूसरे पखवाड़े में तीसरी बार हुआ है। आमतौर पर फरवरी में हल्की ठंड बनी रहती है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
फरवरी में ही क्यों बढ़ गया तापमान?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार गर्मी जल्दी आने के पीछे तीन बड़े कारण हैं—
1️⃣ कमजोर रहा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस
सर्दियों में उत्तर भारत में ठंड और बारिश लाने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस बार बेहद कमजोर रहे। फरवरी और मार्च में सामान्य बारिश न होने से तापमान तेजी से बढ़ा।
2️⃣ ठंडी हवाओं का जल्दी थम जाना
पहाड़ों से आने वाली नॉर्थ-ईस्टरली ठंडी हवाएं फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही कमजोर पड़ गईं। पहाड़ी इलाकों में भी कम बर्फबारी हुई, जिससे ठंडक का असर जल्दी खत्म हो गया।
3️⃣ गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ा
पाकिस्तान और राजस्थान से आने वाली पश्चिमी हवाएं और मध्य भारत से उठने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं पहले से ज्यादा गर्म होकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान लगातार बढ़ रहा है।
इतिहास भी दे रहा है चेतावनी
मौसम के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि—
- जब-जब फरवरी ज्यादा गर्म रही,
- तब-तब मार्च में भीषण गर्मी पड़ी है
📌 फरवरी 2008 में तापमान 31°C तक पहुंचा था, जिसके बाद मार्च में पारा 38.5°C तक चला गया।
📌 फरवरी 2023 में भी 29°C के बाद मार्च में तापमान 36°C तक पहुंचा था।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार भी वही पैटर्न दोहराया जा सकता है।
मार्च के लिए क्या है चेतावनी?
- मार्च के मध्य से ही लू जैसे हालात बन सकते हैं
- दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है
- बिजली और पानी की मांग बढ़ेगी
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत
क्या करें, क्या न करें
✔️ दोपहर में धूप से बचें
✔️ पानी और तरल पदार्थ अधिक लें
✔️ हल्के कपड़े पहनें
❌ धूप में ज्यादा देर न रहें
❌ शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें
