अमृतसर:
पवित्र गोल्डन टेंपल को लेकर बनाए गए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जनरेटेड वीडियो सामने आने के बाद सिख संगत और धार्मिक संस्थाओं में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, जिनमें श्री हरमंदिर साहिब की मर्यादा के खिलाफ दृश्य दिखाए गए।
क्या है विवादित AI वीडियो में?
अब तक सामने आए तीन अलग-अलग AI जनरेटेड वीडियो में—
1️⃣ एक युवक को पवित्र परिक्रमा में जूते पहने खड़ा दिखाया गया है, जो बाद में वहीं से कार में बैठकर बाहर जाता नजर आता है।
2️⃣ दूसरे वीडियो में गोल्डन टेंपल के स्वरूप को डिजिटल तरीके से बदला हुआ दिखाया गया है, जो धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया जा रहा है।
3️⃣ तीसरे वीडियो में एक कपल को मंदिर परिसर के सामने आपत्तिजनक हरकतें करते हुए दर्शाया गया है।
ये सभी दृश्य वास्तविक नहीं हैं, बल्कि AI तकनीक की मदद से तैयार किए गए बताए जा रहे हैं।
SGPC ने जताई कड़ी आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई। SGPC का कहना है कि इस तरह की सामग्री—
- सिख धर्म की मर्यादा का उल्लंघन है
- श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है
- समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास हो सकता है
साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अमृतसर ने FIR दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की—
- धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना)
- धारा 353(2) और 353(3) (धार्मिक स्थलों से जुड़ी सामग्री के जरिए वैमनस्य फैलाना)
के तहत दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया और AI पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि:
- AI तकनीक का दुरुपयोग कैसे रोका जाए
- धार्मिक स्थलों को लेकर डिजिटल कंटेंट पर क्या सख्ती होनी चाहिए
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी क्या बनती है
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वीडियो किस अकाउंट से पोस्ट किए गए, उन्हें किसने बनाया और इसके पीछे क्या मंशा थी।
निष्कर्ष
धार्मिक स्थलों से जुड़ा ऐसा AI-आधारित भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी खतरा बन सकता है। प्रशासन और साइबर एजेंसियों की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

