पंजाबी दूरदर्शन | अमृतसर डेस्क
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल परिसर में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उपजे विवाद के बाद अब मामला शांत होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। इस प्रकरण को लेकर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मुलाकात की।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और फाजिल्का के SSP गुरमीत सिंह श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने पहले माथा टेककर अरदास की और इसके बाद जत्थेदार से औपचारिक भेंट की। इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।
जत्थेदार की सख्त टिप्पणी
इससे पहले जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने गोल्डन टेंपल परिसर में पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किए जाने की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि गुरु घर की मर्यादा और पवित्रता सर्वोपरि है और भविष्य में किसी भी पुलिस अधिकारी को मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश नहीं करना चाहिए।
पुलिस ने दिया भरोसा
मुलाकात के बाद जत्थेदार ने मीडिया को बताया कि पुलिस अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आश्वासन दिया है, जिससे सिख मर्यादा को ठेस पहुंचे या गलत संदेश जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में लिखित जवाब देने की बात भी कही है।
“गोल्डन टेंपल पूरी मानवता का है”
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि गोल्डन टेंपल केवल सिखों का धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरी मानवता का सांझा केंद्र है। इसके चारों दरवाजे सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुले हैं, लेकिन यहां की मर्यादा का पालन हर हाल में होना चाहिए।
SSP का बयान
SSP गुरमीत सिंह ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि वह गुरु घर के दर्शन करने आए थे और दर्शन कर उन्हें आत्मिक शांति मिली। हालांकि उन्होंने पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।
अन्य मुद्दों पर भी बोले जत्थेदार
इस मौके पर जत्थेदार ने प्रोफेसर दविंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भुल्लर अपनी सजा पूरी कर चुके हैं और मानवता के आधार पर उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार से सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
अंत में जत्थेदार ने कहा कि सिख समुदाय ने देश की आजादी से लेकर हर कठिन समय में अहम योगदान दिया है, इसलिए सरकारों को सिखों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, सम्मान और समझदारी के साथ निर्णय लेने चाहिए।

