आने वाले दिनों में बार्डर पर स्थित हजारों एकड़ जमीन पर बेरोकटोक खेती कर सकेंगे पंजाब के किसान- सीएम भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पंजाब से जुड़े कई लंबित और गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों के जल्द और समयबद्ध समाधान की मांग की।

🔹 प्रमुख मुद्दे जिन पर चर्चा हुई

1️⃣ सीमावर्ती सुरक्षा और किसानों की समस्याएं

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनी सुरक्षा दीवार/कंटीली तार के जीरो लाइन से काफी अंदर होने के कारण किसानों को आ रही परेशानियों को उठाया। उन्होंने बताया कि हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि कंटीली तार के उस पार है, जहां किसानों को रोजाना पहचान पत्र दिखाकर बीएसएफ की निगरानी में खेती करनी पड़ती है।

सीएम मान ने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार सुरक्षा दीवार को सीमा के नजदीक स्थानांतरित किया जाए, ताकि किसान बिना डर और बाधाओं के खेती कर सकें, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से भी कोई समझौता न हो।

2️⃣ प्रस्तावित बीज बिल 2025 पर कड़ा ऐतराज

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित बीज बिल 2025 को पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि:

  • केंद्रीय बीज समिति में पंजाब की प्रतिनिधित्व की गारंटी नहीं है
  • राज्य बीज समितियों की भूमिका को कमजोर किया गया है
  • किसानों के लिए मुआवजा व्यवस्था स्पष्ट नहीं है
  • विदेशी बीज किस्मों को स्थानीय कृषि-जलवायु परीक्षण के बिना अनुमति दी जा रही है

सीएम मान ने कहा कि किसानों को पूरी तरह कंपनियों पर निर्भर करना न तो उचित है और न ही किसानों के हित में। उन्होंने अपील की कि मौजूदा स्वरूप में यह बिल संसद में पेश न किया जाए।

3️⃣ सतलुज-यमुना लिंक (SYL) विवाद

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी भी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा:

  • सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के पानी में भारी कमी आई है
  • 34.34 एमएएफ पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ मिला है
  • हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को 60% पानी आवंटित किया गया, जबकि कोई भी नदी वहां से नहीं बहती

उन्होंने स्पष्ट किया कि SYL नहर का निर्माण अव्यावहारिक और पंजाब के हितों के विरुद्ध है।

4️⃣ एफसीआई द्वारा अनाज की धीमी ढुलाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि एफसीआई द्वारा अनाज की ढुलाई बेहद धीमी है, जिससे भंडारण की गंभीर समस्या पैदा हो रही है।

  • खरीफ 2025-26 में 95 लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी होनी है
  • फिलहाल केवल 20 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है

उन्होंने मांग की कि हर माह कम से कम 20 लाख मीट्रिक टन अनाज की ढुलाई सुनिश्चित की जाए और इसके लिए विशेष रेल गाड़ियां चलाई जाएं।

5️⃣ आढ़तिया कमीशन का मुद्दा

सीएम मान ने कहा कि 2019-20 से आढ़तिया कमीशन को फ्रीज किया गया है, जो पंजाब कृषि उत्पाद एवं मार्केटिंग एक्ट 1961 के खिलाफ है।

  • गेहूं: ₹46 प्रति क्विंटल
  • धान: ₹45.88 प्रति क्विंटल

उन्होंने कहा कि आढ़तिए एजेंट नहीं बल्कि आवश्यक सेवाएं देने वाले अहम कड़ी हैं और उन्हें उनका बनता हक मिलना चाहिए।

6️⃣ ग्रामीण विकास फंड (RDF) और मार्केट फीस बकाया

मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • RDF के ₹9030.91 करोड़
  • मार्केट फीस के ₹2267.83 करोड़

अब तक बकाया हैं। उन्होंने कहा कि RDF कोई चैरिटी नहीं बल्कि पंजाब का कानूनी हक है और भुगतान न होने से ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बुरा असर पड़ा है।

7️⃣ चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब की भूमिका

सीएम मान ने चंडीगढ़ प्रशासन में 60:40 अनुपात बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब कैडर के IAS और PCS अधिकारियों को अहम पदों से बाहर किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बिगड़ रहा है।

8️⃣ एफसीआई पंजाब के जीएम की नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने एफसीआई पंजाब के जनरल मैनेजर पद पर पंजाब कैडर के अधिकारी की नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से यह पद पंजाब कैडर के अधिकारियों के पास रहा है और इससे खरीद व भंडारण व्यवस्था अधिक प्रभावी रहती है।

🔹 केंद्रीय गृह मंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध समाधान का भरोसा दिया है।


यह बैठक पंजाब के किसानों, ग्रामीण विकास, जल अधिकार और प्रशासनिक हिस्सेदारी से जुड़े अहम मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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