Punjabi Doordarshan | अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट
अमृतसर: Sri Darbar Sahib में आज ईरान के सुप्रीम लीडर कार्यालय से जुड़े एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने माथा टेका। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अहम संदेश भी दिया।
SGPC नेताओं से मुलाकात
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डॉ. मुहम्मद हुसैन जिवांद ने Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) के अधिकारियों से मुलाकात की।
उन्होंने SGPC अध्यक्ष Harjinder Singh Dhami और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को दिल्ली में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया।
दिल्ली में होगा विशेष कार्यक्रम
डॉ. जिवांद ने जानकारी दी कि 12 अप्रैल को दिल्ली स्थित “Iran Culture House” में Ali Khamenei से जुड़े स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और इस्लाम दोनों में शहादत का विशेष महत्व है।
भारत-ईरान संबंधों का जिक्र
प्रतिनिधिमंडल ने भारत और ईरान के हजारों साल पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए पंजाब विधानसभा द्वारा ईरान के समर्थन में पारित प्रस्ताव की सराहना भी की।
अमेरिका को दी चेतावनी
मीडिया से बातचीत में डॉ. जिवांद ने पश्चिम एशिया के हालात पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्धविराम अस्थायी है और ईरान स्थायी शांति चाहता है।
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि विरोधाभासी संदेश स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।
10 दिन का अल्टीमेटम
ईरानी प्रतिनिधि ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक संयुक्त राष्ट्र स्तर पर ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक किसी भी युद्धविराम पर भरोसा करना मुश्किल है।
यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मौजूदा वैश्विक तनाव के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

