Punjabi Doordarshan | किसान अपडेट
पंजाब: पंजाब के सरहदी इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद भारत-पाक सीमा के पास लगी फेंसिंग को शिफ्ट करने की योजना तैयार की गई है, जिससे हजारों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
क्या है पूरा मामला?
अब तक सीमा पर लगी कंटीली तार कई जगहों पर इंटरनेशनल बॉर्डर से 1 से 2 किलोमीटर अंदर की ओर थी, जिसके कारण किसानों की बड़ी खेती योग्य जमीन तार के पार चली गई थी।
इस वजह से किसानों को Border Security Force (BSF) की निगरानी में सीमित समय (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) ही खेती करने की अनुमति थी।
अब क्या बदलेगा?
नई योजना के तहत:
- फेंसिंग को 150 से 200 मीटर तक बॉर्डर की ओर शिफ्ट किया जाएगा
- हजारों एकड़ जमीन किसानों को वापस मिलेगी
- किसान बिना किसी रोक-टोक के खेती कर सकेंगे
जो जमीन फिर भी फेंसिंग के पार रह जाएगी, उसके लिए सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाएगा।
किन जिलों को मिलेगा फायदा?
इस फैसले से इन 6 जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा:
- Fazilka
- Firozpur
- Tarn Taran
- Amritsar
- Gurdaspur
- Pathankot
करीब 1.2 लाख किसान परिवार इस बदलाव से प्रभावित होंगे।
मुआवजा और प्रशासनिक फैसले
सरकार ने आश्वासन दिया है कि:
- मुआवजा मार्केट रेट के अनुसार दिया जाएगा
- जिला स्तर पर फैसले तेजी से लेने के लिए SDM अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं
पहले क्यों थी समस्या?
साल 1992 में की गई फेंसिंग के कारण कई किसानों की जमीन तार के पार चली गई थी, जिससे उन्हें दशकों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
केंद्र की मंजूरी
इस योजना को मंजूरी देने में Amit Shah की अहम भूमिका रही। राज्य सरकार द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्र ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी।
यह फैसला न सिर्फ किसानों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि सीमा सुरक्षा को भी और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

