Punjab Cold Wave: सर्दियों में बढ़ा Heart Attack का खतरा, 20 से 40 साल के युवा भी चपेट में

पंजाब डेस्क | Punjabi Doordarshan

पंजाब में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के साथ ही हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। सर्दियों के मौसम में दिल से जुड़ी बीमारियां न सिर्फ बुजुर्गों बल्कि 20 से 40 साल के युवाओं के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के कारण खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का जोखिम बढ़ जाता है और यही हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, सर्दियों में शरीर से पसीना कम निकलता है और लोग पानी भी कम पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति बनती है। इस कारण खून गाढ़ा होकर नसों में थक्के जमा कर सकता है। ये थक्के पैरों की नसों से फेफड़ों के रास्ते दिल तक पहुंचकर हार्ट अटैक या अचानक हार्ट फेलियर का कारण बन सकते हैं।

सुबह के समय ज्यादा खतरा

GMCH-32 चंडीगढ़ के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और हेड डॉ. जीत राम के मुताबिक, सर्दियों में सुबह 4 से 10 बजे के बीच हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक रहता है। इस समय ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है और ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं। खासकर वे युवा जो सुबह जल्दी वर्कआउट या ऑफिस की भागदौड़ शुरू करते हैं, उनके लिए यह समय बेहद संवेदनशील होता है।

युवाओं में बढ़ रहे केस

GMCH-32 की ओपीडी में रोजाना 4 से 6 हार्ट मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 20 से 25 साल के युवा भी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, जंक फूड, स्मोकिंग, अत्यधिक शराब सेवन, तनाव और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। पहले जहां हार्ट की बीमारी 40 साल की उम्र के बाद आम मानी जाती थी, अब 40 से कम उम्र के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

महिलाओं और बच्चों पर भी असर

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं बच्चों में कम खेलना, ज्यादा स्क्रीन टाइम, मोबाइल और वीडियो गेम्स का अत्यधिक इस्तेमाल भी हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में भी पानी पीने की आदत नहीं छोड़नी चाहिए। गर्म पानी का सेवन करें, जंक फूड से बचें और रोजाना हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। हल्दी, अदरक और लहसुन जैसी प्राकृतिक चीजें ब्लड क्लॉट बनने से रोकने में मददगार होती हैं। बहुत ज्यादा हीटर का इस्तेमाल करने से बचें और शरीर को प्राकृतिक तापमान के अनुसार ढलने दें।

सर्दियों में खून गाढ़ा होने के प्रमुख कारण

  • डिहाइड्रेशन
  • ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना
  • कम फिजिकल एक्टिविटी
  • हाई फैट डाइट
  • ब्लड प्रेशर बढ़ना
  • विटामिन D की कमी
  • अत्यधिक मानसिक तनाव
  • मोटापा, स्मोकिंग और शराब

Punjabi Doordarshan सभी नागरिकों से अपील करता है कि ठंड के मौसम में अपनी सेहत को हल्के में न लें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।

 

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