Punjabi Doordarshan | ग्राउंड रिपोर्ट
कपूरथला/सुल्तानपुर लोधी: Sultanpur Lodhi के पंडोरी मोहल्ला से एक दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है, जहां नशे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया है।
एक बेबस मां, मनजीत कौर, अपने पांच बेटों में से चार को खो चुकी है, जबकि पांचवां बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
“चिट्टे ने सब कुछ छीन लिया”
मनजीत कौर का कहना है कि उनके इलाके में खुलेआम “चिट्टा” (ड्रग्स) बिक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर से कुछ ही दूरी पर नशा आसानी से उपलब्ध है, जिससे युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा है।
उनकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ झलकता है। उन्होंने बताया:
“मैं पांच बेटों की मां थी… चार को चिट्टे ने छीन लिया। अब पांचवां भी बिस्तर पर है, पता नहीं कब तक जिएगा।”
बिस्तर पर तड़प रहा बेटा
करीब 30 वर्षीय उनका बेटा सोनू गंभीर हालत में बिस्तर पर पड़ा है। उसका शरीर बेहद कमजोर हो चुका है और वह नशे के दुष्प्रभाव से जूझ रहा है। परिवार का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्होंने ठीक से खाना भी नहीं खाया।
पूरे इलाके में फैली समस्या
सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि मोहल्ले की कई अन्य महिलाओं ने भी अपने बेटों को नशे की वजह से खोने की बात कही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- इलाके में ड्रग्स की बिक्री खुलेआम हो रही है
- कई युवाओं की मौत हो चुकी है
- कई परिवार बिखर चुके हैं
पुलिस और प्रशासन पर सवाल
परिवार और स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि नजदीक में पुलिस थाना होने के बावजूद नशे के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नशा छुड़ाने की कोशिशें भी नाकाम
कई परिवारों ने अपने बच्चों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजा, लेकिन घर लौटने के बाद वे फिर उसी चक्र में फंस गए।
इस वजह से कई बहुएं गांव छोड़कर चली गई हैं और बुजुर्ग महिलाएं अब अपने पोते-पोतियों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

