पंजाब के किसानों ने कर दिया अहम ऐलान, Live होकर बताई आगे की रणनीति
चंडीगढ़ | Punjabi Doordarshan
पंजाब में किसान आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। किसान-मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर ने चंडीगढ़ में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसानों की आगामी रणनीति का विस्तृत ऐलान किया।
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पहले से मानी गई मांगों को अब तक लागू नहीं किया गया है और खनौरी-शंभू मोर्चे के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को मुआवजा देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि खेती के मौजूदा संकट पर न तो केंद्र सरकार और न ही पंजाब सरकार के पास कोई ठोस नीति है, जिसके चलते किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
पंधेर ने बिजली संशोधन बिल-2025 के ड्राफ्ट को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे चाहते थे कि इस विषय पर पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाए, लेकिन सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार उन्हें बैठक के लिए बुलाना भूल गई, जिस पर वे मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे सवाल करेंगे।
आंदोलन की घोषित रणनीति
सरवन सिंह पंधेर ने आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित करते हुए कहा:
- 13 जनवरी को पंजाब के गांव स्तर पर लोहड़ी की आग में बिजली संशोधन बिल-2025, सीड एक्ट-2025 और वी.बी. ग्राम योजना संशोधन एक्ट की प्रतियां जलाई जाएंगी।
- 18 जनवरी (रविवार) को मजीठा में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जहां वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।
- 21 और 22 जनवरी को किसान स्मार्ट मीटर निकालकर नजदीकी बिजली कार्यालयों में जमा कराएंगे।
- 5 फरवरी को पंजाब के मंत्रियों और विधायकों के घरों के सामने शांतिपूर्ण धरने दिए जाएंगे।
पंधेर ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन किसानों को उनके हक से पीछे नहीं हटने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को अब तक बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है और हर बार उन्हें इसके लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सरकार के साथ निर्धारित बैठक केवल फोन पर हुई क्योंकि कोई भी सरकारी अधिकारी पंजाब भवन नहीं पहुंचा, जो सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।

