पंजाबी दूरदर्शन | चंडीगढ़/पटियाला डेस्क
पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। PRTC और PUNBUS के ठेका कर्मचारियों और ट्रांसपोर्ट विभाग के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही, जिसके बाद कर्मचारियों ने राज्यभर में आंदोलन तेज कर दिया है। इसके चलते आधार कार्ड आधारित सरकारी बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
दोपहर से चक्का जाम
यूनियन नेताओं के अनुसार, मांगों पर सहमति न बनने के कारण आज दोपहर 2 बजे से पूरे पंजाब में बसों का चक्का जाम कर दिया गया। विभिन्न बस स्टैंडों पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कई रूटों पर सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
रोडवेज़ कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि:
- जेल में बंद कर्मचारी नेताओं और साथियों को तुरंत रिहा किया जाए
- ठेका कर्मचारियों को जल्द से जल्द स्थायी (पक्का) किया जाए
- पहले से स्वीकृत मांगों को तुरंत लागू किया जाए
12 फरवरी से पूर्ण हड़ताल का ऐलान
यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो 12 फरवरी से पूरे पंजाब में पूर्ण हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दिन कर्मचारी संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान की रिहायश का घेराव करेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यूनियन का कहना है कि बार-बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है। उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और उग्र हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
यात्रियों के लिए सलाह
हड़ताल और चक्का जाम के चलते यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले बस सेवाओं की स्थिति की जानकारी जरूर लें और वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करें।
यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है, जब बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी बसों पर निर्भर रहते हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

