अमृतसर:
पंजाब के अमृतसर जिले में प्रेम विवाह को लेकर पंचायत के एक फैसले ने सामाजिक और कानूनी बहस छेड़ दी है। अजनाला तहसील के अंतर्गत आने वाले धारीवाल गांव में ग्राम पंचायत ने गांव के भीतर प्रेम विवाह पर सख्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
पंचायत ने इस संबंध में एक औपचारिक प्रस्ताव पारित किया है, जिसे 7 फरवरी को हुई बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
प्रस्ताव में क्या कहा गया है
पंचायत के फैसले के अनुसार—
- यदि गांव का कोई लड़का और लड़की आपसी सहमति से विवाह करते हैं, तो
- उन्हें गांव से निष्कासित किया जाएगा
- दोनों परिवारों का सामाजिक बहिष्कार (Social Boycott) किया जाएगा
इतना ही नहीं, पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
- जो भी व्यक्ति ऐसे जोड़ों से संपर्क रखेगा
- या किसी भी रूप में उनका सहयोग करेगा
उसके खिलाफ भी सामाजिक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी व पंचायती सुविधाओं से दूरी
पंचायत के प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे परिवारों को—
- पंचायत स्तर की किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा
- किसी दस्तावेज पर पंचायत हस्ताक्षर नहीं करेगी
- किसी प्रशासनिक या कानूनी विवाद में
- गांव का कोई भी व्यक्ति पुलिस या अदालत में उनके पक्ष में गवाही नहीं देगा
पंचायत का तर्क क्या है
पंचों का कहना है कि हाल के वर्षों में गांव में ऐसे कई विवाह हुए हैं, जिनमें लड़का-लड़की दोनों एक ही गांव के निवासी थे।
ऐसे मामलों में—
- मायका और ससुराल एक ही गली या आमने-सामने हो जाते हैं
- सामाजिक रिश्तों को लेकर भ्रम पैदा होता है
- पारिवारिक तनाव और विवाद बढ़ने की घटनाएं सामने आई हैं
पंचायत का दावा है कि इन्हीं परिस्थितियों से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है, ताकि गांव में सामाजिक संतुलन बना रहे।
फैसले पर उठ रहे सवाल
हालांकि पंचायत के इस निर्णय को लेकर कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के बीच बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि—
- विवाह करना संवैधानिक अधिकार है
- सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम कानूनी जांच के दायरे में आ सकते हैं
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

