राम रहीम 15वीं बार जेल से बाहर: डेरा मुखी को 40 दिन की पैरोल, साध्वियों के यौन शोषण और मर्डर केस में उम्रकैद
चंडीगढ़:
रोहतक की सुनारिया जेल में दो साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार हत्या समेत कई संगीन मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल मिल गई है। यह 15वीं बार है जब 2017 में जेल जाने के बाद राम रहीम जेल से बाहर आएगा।
इस दौरान राम रहीम डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय में रहेगा। इससे पहले भी पैरोल और फरलो के दौरान वह वहीं ठहरता रहा है।
2017 से लगातार जेल में बंद
- 25 अगस्त 2017: दो साध्वियों के रेप केस में दोषी करार, 20 साल कैद
- 17 जनवरी 2019: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में उम्रकैद
- अक्टूबर 2021: डेरा मैनेजर रणजीत सिंह हत्या केस में CBI कोर्ट द्वारा उम्रकैद
- 2024: रणजीत सिंह हत्या केस में हाईकोर्ट से बरी
वर्तमान में राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है और अब तक पैरोल-फरलो पर 14 बार बाहर आ चुका है, यह 15वां मौका है।
इससे पहले अप्रैल में मिली थी 21 दिन की पैरोल
- अप्रैल 2025: 21 दिन की पैरोल
- जनवरी 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल
- 15 अगस्त 2025: जन्मदिन मनाने के लिए पैरोल
पैरोल के दौरान उसे डेरा में अपने समर्थकों को इकट्ठा करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन वह वीडियो संदेशों के जरिए अपने अनुयायियों से संवाद करता रहा है।
2017 के फैसले के बाद देश हिल गया था
अगस्त 2017 में पंचकूला की CBI कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम के समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था।
पंचकूला और सिरसा में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। स्थिति काबू में लाने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी और राम रहीम को हेलीकॉप्टर से सुनारिया जेल ले जाया गया था।

