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अमृतसर में गोलगप्पे के पानी के बर्तन से चूहा निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद अब इस मामले में पूरा सच सामने आ गया है। वायरल वीडियो के बाद जहां लोगों में गुस्सा और चिंता देखने को मिली, वहीं अब संबंधित ठेला संचालक ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है।
कैसे वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो 8 फरवरी को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था। वीडियो में एक व्लॉगर गोलगप्पे के पानी के कंटेनर में हलचल देखता है और कुछ ही पलों में पानी से एक चूहा बाहर निकलता हुआ नजर आता है। वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने स्ट्रीट फूड की स्वच्छता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
ठेला संचालक का बड़ा दावा
अब इस मामले में गोलगप्पे का ठेला लगाने वाला व्यक्ति सामने आया है। विक्रेता का कहना है कि—
- तीन युवक वीडियो बनाने के बहाने उसके ठेले पर आए थे
- उन्हीं में से एक युवक ने जानबूझकर चूहा ठेले के पास छोड़ा
- इसके बाद जानबूझकर वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया
विक्रेता ने इसे उसकी छवि खराब करने की साजिश बताया है।
18 साल से कर रहा काम, रोज तीन बार सफाई का दावा
विक्रेता ने बताया कि वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड का रहने वाला है और पिछले 18 वर्षों से गोलगप्पे बेच रहा है। पिछले दो सालों से वह अमृतसर के सुल्तानविंड इलाके में ठेला लगा रहा है।
उसका दावा है कि—
- वह रोजाना तीन बार ठेले की सफाई करता है
- स्वच्छता को लेकर कभी लापरवाही नहीं बरती
हालांकि उसने यह भी कहा कि यदि फिर भी किसी तरह की कमी रह गई हो, तो वह लोगों से माफी मांगने को तैयार है।
खाद्य सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग एक ओर जहां वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर फूड सेफ्टी और सोशल मीडिया पर फेक कंटेंट को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
निष्कर्ष
यह मामला न सिर्फ स्ट्रीट फूड की स्वच्छता बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो की सच्चाई जांचने की जरूरत को भी उजागर करता है। प्रशासन से भी मांग की जा रही है कि—
- मामले की निष्पक्ष जांच हो
- यदि साजिश है तो दोषियों पर कार्रवाई हो
- और यदि लापरवाही है तो फूड सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू किया जाए
