नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की घटना से सबक लेते हुए संसद समिति ने स्टेशनों पर भगदड़ रोकने के लिए दिए अहम सुझाव।

नई दिल्ली। समिति ने भारतीय रेलवे पर सिफारिश की है कि, अमृत भारत रेलवे स्टेशन के तहत रिडेवलप हो रहे स्टेशनों यात्रियों की स्टेशनों में एंट्री और एग्जिट के लिए कई गेट बनाए जाने चाहिए। ताकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर हुई घटनाएं अन्य स्टेशनों पर नहीं हो।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद संसद की स्थायी समिति ने अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें दी हैं। समिति ने यह सिफारिश रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (2025-26) पर अपनी रिपोर्ट में की है। समिति का कहना है कि देश भर में अमृत भारत योजना के तहत कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास (रिडेवलपमेंट) किया जा रहा है, और इन स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

समिति ने भारतीय रेलवे को यह सिफारिश की है कि अमृत भारत योजना के तहत रिडेवलप किए जा रहे स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकासी के लिए कई गेट बनाए जाएं, ताकि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई घटनाओं जैसी स्थितियां अन्य स्टेशनों पर न उत्पन्न हों। इसके अलावा, अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा जांच के स्थान, उचित प्रकाश व्यवस्था, और दिशासंकेतक (साइनबोर्ड) लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। साथ ही, स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति पैदा न हो।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमृत भारत योजना के तहत देशभर में 1337 स्टेशनों का रिडेवलपमेंट किया जा रहा है। इनमें से 453 स्टेशनों का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, 2024-25 के दौरान 453 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य था, लेकिन 2024 तक केवल एक ही स्टेशन का रिडेवलपमेंट पूरा हो पाया है। समिति ने मंत्रालय से इस परियोजना के समयसीमा की निगरानी के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया है, ताकि स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल से किसी भी बाधा को दूर किया जा सके।

रेल मंत्रालय के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब तक कुल 1,337 स्टेशनों की पहचान की गई है जिनमें से 1,202 स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है। मंत्रालय के अनुसार इस योजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है, क्योंकि रेलवे स्टेशनों रिडेवलमेंट में ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता होती है।

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