आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम पूरे पंजाब में एक योजनाबद्ध, लोकपक्ष और संगठित ढंग से चलाई जा रही है।
बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी आउटरीच और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नशा मुक्ति मोर्चा की टीम को पांच ज़ोनों में विभाजित किया गया है। इनमें माझा, दोआबा और मालवा शामिल हैं, जबकि मालवा को आगे मालवा पूर्वी, मालवा केंद्रीय और मालवा पश्चिमी ज़ोन में बांटा गया है।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम का एक अहम और सक्रिय स्तंभ है।
मुहिम का पहला पड़ाव: जन-जागरूकता अभियान
पन्नू ने बताया कि मुहिम के पहले चरण में ‘आप’ ने पंजाब के हर गांव और हर वार्ड तक पहुंचकर नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। इस दौरान लोगों से शपथ दिलवाई गई कि वे न तो नशा तस्करी करेंगे और न ही नशा तस्करों का किसी भी रूप में सहयोग करेंगे, जिसमें उनकी ज़मानत के लिए गारंटर बनने से इंकार करना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस चरण का व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिला है तथा पंजाब के लोग इस मुहिम को सक्रिय समर्थन दे रहे हैं।
NDPS मामलों में रिकॉर्ड कन्विक्शन रेट
बलतेज पन्नू ने बताया कि हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में पंजाब में NDPS मामलों में कन्विक्शन रेट लगभग 85 प्रतिशत रहा है, जो अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में आम जनता की जागरूकता और सहयोग की अहम भूमिका रही है, जिससे मुहिम का पहला पड़ाव स्पष्ट रूप से सफल रहा।
दूसरा पड़ाव: पदयात्राएं और संगठित नेटवर्क
मुहिम के दूसरे चरण की जानकारी देते हुए पन्नू ने कहा कि निरंतर जागरूकता के तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर पदयात्राएं की जा रही हैं।
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ब्लॉक स्तर पर इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं
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ब्लॉक और ज़िला स्तर के वॉलंटियर्स के साथ रोज़ाना कोऑर्डिनेशन कॉल होती हैं
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रोज़ कार्य सौंपे जाते हैं और अगले दिन उनकी समीक्षा की जाती है
उन्होंने कहा कि इस तरह टीमें पूरी तरह संगठित होकर नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं।
‘पिंड दे पहरेदार’ डिफेंस कमेटियां
पन्नू ने बताया कि दूसरे चरण में ‘पिंड दे पहरेदार’ नाम से डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं, जिनसे अब तक एक लाख से अधिक वॉलंटियर जुड़ चुके हैं। ये वॉलंटियर गांवों, कस्बों और शहरी वार्डों में सक्रिय रूप से पदयात्राएं कर रहे हैं।
अब तक 9,099 पदयात्राएं
उन्होंने बताया कि पांचों ज़ोनों में अब तक कुल 9,099 पदयात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं:
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दोआबा: 1,969
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माझा: 1,930
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मालवा केंद्रीय: 1,395
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मालवा पूर्वी: 2,167
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मालवा पश्चिमी: 1,618
ज़िला-वार पदयात्राएं
दोआबा:
होशियारपुर (661), जालंधर देहात (492), जालंधर शहरी (79), कपूरथला (351), एस.बी.एस नगर (386)
माझा:
अमृतसर देहात (472), अमृतसर शहरी (45), गुरदासपुर (771), पठानकोट (389), तरनतारन (253)
मालवा केंद्रीय:
फरीदकोट (251), फतेहगढ़ साहिब (312), लुधियाना देहात-1 (291), लुधियाना देहात-2 (242), लुधियाना शहरी (59), मोगा (240)
मालवा पूर्वी:
मलेरकोटला (178), पटियाला देहात (466), पटियाला शहरी (412), रूपनगर (394), संगरूर (459), एस.ए.एस नगर (278)
मालवा पश्चिमी:
बरनाला (209), बठिंडा (191), फाजिल्का (433), फिरोजपुर (587), मानसा (190), श्री मुक्तसर साहिब (8)
हर ज़ोन में सक्रिय है मुहिम
पन्नू ने कहा कि पंजाब में ऐसा कोई ज़ोन या ज़िला नहीं है जहाँ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ का दूसरा चरण सक्रिय न हो। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब को नशों से पूरी तरह मुक्त नहीं कर दिया जाता।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी
उन्होंने कहा कि पंचायतों, नगर निगमों, नगर परिषदों और परिवारों समेत समाज के हर वर्ग के लोग इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। पन्नू ने पंजाबियों से अपील की कि वे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ और नशा मुक्ति मोर्चा के वॉलंटियर्स का सहयोग करें, क्योंकि वे समाजहित में कार्य कर रहे हैं।
नशा तस्करों के खिलाफ मोबाइल ऐप
बलतेज पन्नू ने बताया कि एक समर्पित मोबाइल ऐप अब पूरी तरह कार्यरत है। इस ऐप के माध्यम से नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य नशा तस्करों के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह जानकारी सीधे डीजीपी और मुख्यमंत्री तक पहुंचती है, जहां सत्यापन के बाद सख्त कार्रवाई की जाती है। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।