पंजाबी दूरदर्शन | जालंधर / अमृतसर
पंजाब के नामी निजी अस्पतालों में शुमार Fortis Hospital एक बार फिर विवादों में घिर गया है। वीरेंद्र घुम्मण की मौत के मामले में डॉक्टरों के पैनल की रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पैनल रिपोर्ट में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही ही मरीज की मौत की प्रमुख वजह बनी।
परिजनों के मुताबिक, वीरेंद्र घुम्मण बाजू के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। ऑपरेशन से पहले उन्होंने खुद एक वीडियो रिकॉर्ड की थी, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य स्थिति में दिखाई दे रहे थे। परिवार का दावा है कि ऑपरेशन से पहले उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी और किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अचानक वीरेंद्र घुम्मण की तबीयत बिगड़ गई। हालत लगातार खराब होती चली गई और कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। जब परिवार ने इस पर सवाल उठाए, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। अब डॉक्टरों के पैनल की रिपोर्ट सामने आने के बाद परिवार का आरोप और मजबूत हो गया है।
मामले को लेकर घुम्मण परिवार ने साफ कहा है कि वे अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही इलाज और सावधानी बरती जाती, तो वीरेंद्र की जान बचाई जा सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब के निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजरें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

