झोटा हत्याकांड: ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका जांच के घेरे में, मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रिकॉर्ड तलब
मानसा/बठिंडा: नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू की है। इस मामले में संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और मानसा के डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित मेडिकल स्टोर तथा लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े रिकॉर्ड तलब किए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान और संबंधित अधिकारी का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
शिकायतों के बावजूद लाइसेंस कैसे होता रहा रिन्यू?
जांच का मुख्य मुद्दा यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कथित तौर पर मामले दर्ज होने और शिकायतें मिलने के बावजूद लाइसेंस का नवीनीकरण किस प्रक्रिया के तहत होता रहा।
विभागीय अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि लाइसेंस रिन्यू करते समय निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही, यह भी जांचा जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के खिलाफ मिली शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की थी।
ड्रग इंस्पेक्टर नरेश से पूछताछ की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, झोटा हत्याकांड के बाद ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका की जांच की जा रही है। बताया गया है कि डिप्टी कमिश्नर और सिविल सर्जन ने उनसे इस मामले से जुड़े सवाल पूछे।
जांच में यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी और शिकायतों के बावजूद क्या कदम उठाए गए। हालांकि, पूछताछ के आधिकारिक विवरण सामने आने और रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज ने मंगवाया रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज ने संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। इसमें मेडिकल स्टोर के लाइसेंस, नवीनीकरण के दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट की जांच की जा सकती है।
रिकॉर्ड की पड़ताल से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि लाइसेंस जारी रखने या रिन्यू करने के दौरान नियमों का पालन हुआ था या नहीं और शिकायतों पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई।
पहले दूसरे ड्रग इंस्पेक्टर के पास था क्षेत्र
रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र की जिम्मेदारी पहले ड्रग इंस्पेक्टर शीषण मित्तल के पास थी। उनके मानसा से जाने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर नरेश ने क्षेत्र का कार्यभार संभाला था।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जांच जारी है। लाइसेंस नवीनीकरण में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, यह संबंधित रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

