पंजाब के शाही इमाम को जान से मारने की धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच

पंजाब के शाही इमाम को जान से मारने की धमकी, फोन पर कहा- ‘तुम्हें ठोक देंगे’; पुलिस जांच शुरू

लुधियाना में जामा मस्जिद के अध्यक्ष ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर से की मुलाकात, पहले भी पत्र और सोशल मीडिया के जरिए धमकियां मिलने का दावा

पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, बठिंडा में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा, ‘तुम्हें ठोक देंगे, जितने मर्जी पुलिस वाले साथ रख लो।’

मामले को लेकर सोमवार को लुधियाना जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह से मुलाकात की और शिकायत दी। इसके बाद मामले की जांच थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस को सौंप दी गई है।

पहले भी धमकियां मिलने का दावा

मुहम्मद मुस्तकीम के मुताबिक, शाही इमाम को पिछले कुछ समय से लगातार धमकियां मिल रही हैं। इससे पहले उन्हें एक पत्र के जरिए भी धमकी दी गई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी धमकी भरे संदेश सामने आने की बात कही गई है।

मुस्तकीम ने बताया कि इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को कई बार लिखित शिकायतें और ईमेल भेजे जा चुके हैं। उन्होंने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी देने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

‘धमकियों से डरने वाले नहीं, लेकिन कार्रवाई जरूरी’

जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि वे ऐसी धमकियों से घबराने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी भी शरारती तत्व या कथित साजिश को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, धमकी देने वालों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जामा मस्जिद लुधियाना की टीम भी मामले को गंभीरता से ले रही है। शाही इमाम की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।

देशभर में धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं शाही इमाम

मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी पंजाब के साथ-साथ देशभर में प्रमुख मुस्लिम विद्वानों में गिने जाते हैं। उनके अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित उनके कार्यक्रमों में हर महीने बड़ी संख्या में मुस्लिम और गैर-मुस्लिम लोग शामिल होते हैं।

मुस्तकीम ने कहा कि लगातार मिल रही कथित धमकियों को केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ लोगों की हरकत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *