पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में परमिंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि, कल तक स्थगित हुई कार्यवाही
पंजाब विधानसभा का छह दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा समेत कई दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। पहले दिन सदन की कार्यवाही केवल 9 मिनट 6 सेकेंड चली।
परमिंदर सिंह झोटा समेत कई लोगों को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस दौरान परमिंदर सिंह झोटा को भी याद किया गया, जिन्होंने मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनकी मौत की घटना पर निंदा जताई गई।
इसके अलावा संगरूर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों को भी श्रद्धांजलि दी गई। सदन में दिवंगत लोगों की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
विधानसभा के बाहर भाजपा नेताओं का प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले पंजाब भाजपा के नेताओं और लवप्रीत के परिजनों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नशे के मुद्दे और इंसाफ की मांग को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री से परिवार से मुलाकात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच के लिए कदम उठा सकते हैं, तो उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने में भी पहल करनी चाहिए। जाखड़ ने कहा कि इंसाफ मिलने तक भाजपा नेता विधानसभा आते रहेंगे।
नशे के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नशे का असर लोगों के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं, विपक्ष ने नशा तस्करी पर रोक लगाने में सरकार की नाकामी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही संकेत दिया था कि वह सदन की कार्यवाही को सामान्य रूप से चलने नहीं देंगे।
विशेष सत्र के पहले दिन श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब सभी की नजर अगले दिन की कार्यवाही और नशे के मुद्दे पर होने वाली चर्चा पर रहेगी।

